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"जिन पर सबसे बडी जिम्म्मेदारी, उन्हीं की बेपरवाही बदस्तूर जारी" खबर पर
मुख्य सचिव से 09 अप्रैल की शाम पांच बजे तक ई-मेल पर मांगा प्रतिवेदन
छतरपुर | 07-अप्रैल-2020
    मध्यप्रदेश मानव आधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने आज एक समाचार पत्र में ’जिन पर सबसे बडी जिम्म्मेदारी.. उन्हीं की बेपरवाही बदस्तूर जारी, कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट मिलने के दो दिन बाद अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसर’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर संज्ञान लिया है। इस मामले में अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री जैन ने मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन से आगामी 09 अप्रैल की शाम पांच बजे तक ई-मेल पर प्रतिवेदन मांगा है।
   आयोग ने चार बिंदुओं क्रमशः समाचार पत्र में उल्लेखित अधिकारियों के कोरोना वायरस के संक्रमण की पाजिटिव रिपोर्ट किस तारीख व समय पर प्राप्त हुई ? समाचार पत्र में उल्लेखित अधिकारियों की पाजिटिव रिपोर्ट आने पर उनको तुरन्त अस्पताल ले जाकर आइसोलेशन वार्ड में क्यों नहीं रखा गया ? स्वास्थ्य विभाग के ऐसे कितने अधिकारी एवं कर्मचारियों की कोरोना वायरस से संक्रमण की पाजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जो समाचार पत्र में उल्लेखित अधिकारियों के निरन्तर सम्पर्क में थे। क्या पाजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होने पर सम्पर्क में आये स्वास्थ्य विभाग के इन अधिकारियों और कर्मचारियों को आइसोलेशन वार्ड में  रखा गया है या नहीं ? और समाचार पत्र में जिन अधिकारियों का उल्लेख है उनके कोरोना संक्रमण का पाजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होने पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के किन संबंधित अधिकारियों का यह दायित्व था कि उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराते। अतः तत्काल भर्ती नहीं कराने के लिये संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई ? कथित दायित्वों का निर्वहन राज्य व केन्द्र शासन के निर्देशों के अनुसार नहीं करने के लिये कौन अधिकारी जिम्मेदार है? उक्त दिनांक को इस कर्त्तव्य का निर्वहन किस अधिकारी को करना था? पर प्रतिवेदन चाहा है।
आयोग ने उक्त प्रतिवेदन निर्धारित दिनांक तक ई-मेल पर भिजवाने के लिये कहा है।
 
(49 days ago)
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