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लाकडाउन की इस अवधि को नशा मुक्ति के सुअवसर के रूप में लें - सुश्री शोभा पोरवाल
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रतलाम | 10-अप्रैल-2020
    जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री  शोभा पोरवाल द्वारा नशा पीड़ितों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, इस संवेदनशील विषय पर संजीदगी से कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया है।
    उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी से मानव जीवन के संकट के कारण जारी लाकडाउन के कारण सभी लोग घरों की चारदिवारी में कैद हैं। इस दौरान लोग अपनी रूचियों एवं परिवार को समय देकर लाकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं, पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शराब, ड्रग्स, गुटका या तम्बाकू की लत के शिकार हैं। इस लंबे लाकडाउन में उन्हें या तो नशा मिल नहीं पा रहा है या अगर मिलता है तो अनुचित दामों पर जिससे नशा पीड़ित व्यक्ति की नशे की जारूरत पूरी नहीं हो पाती है। नशे की यह आदत व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर ऐसा दुष्प्रभाव डालती है कि उसके बिना वह गुस्सा, अनिद्रा, भूख, प्यास में कमी, मानसिक अस्थिरता जैसे विथड्राल के शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों से पीड़ित हो जाता है। परिणाम स्वरूप वह स्वयं परेशान होता है और कई बार परिवार को भी परेशान करता है। ऐसी अवस्था में उसे चिकित्सीय परामर्श, दवाओं एवं काउंसिलिंग की आवश्यकता होती है।
     उक्त संबंध में शासकीय एवं अशासकीय विभिन्न माध्यम अलग-अलग तरह से नशा मुक्ति हेतु प्रयासरत हैं। नशा पीड़ितों के उपचार हेतु शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिविल अस्पताल कमरा नं. 13 में सुबह 09 बजे से लेकर 1 बजे तक ओपीडी में नशे के रोगी चिकित्सीय परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार अगर वे अपनी नशे की इस समस्या से ग्रुप थेरेपी, पारस्परिक सहयोग एवं काउंसिलिंग के माध्यम से छुटकारा पाना चाहते हैं तो वे एल्काहालिक एनोनिमस तथा नारकोटिक्स एनोनिमस जैसे अंतर्राष्ट्रीय पारस्परिक सहायता कार्यक्रम की भी मदद ले सकते हैं। जिसके सदस्य कई भारतीय नशा पीड़ित भी हैं।
    इस कार्यक्रम में भाग लेकर लाखों की संख्या में लोग नशे की लत से बाहर आने के लिए एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं और नशा मुक्त होकर सामान्य जीवन बिता रहे हैं। इस हेतु एल्काहालिक एनोनिमस हेल्प लाईन नंबर 9406540406, श्री रवि  9827267500, श्री अनूप 9200339300 एवं नारकोटिक्स एनोनिमस हेल्प लाईन नंबर 9669663303 पर संपर्क किया जा सकता है। नशा पीड़ितों को परामर्श हेतु भारत सरकार द्वारा 24x7 नेशनल ड्रग्स हेल्प लाईन नंबर 1-844-289-0879 भी उपलब्ध है।पीड़ितों के अतिरिक्त सामान्य व्यक्तियों की मनोसामाजिक आवश्यकता एवं सहायता के लिये टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस के आई काल साइको सोशल हेल्पलाईन नंबर 9372048501, 9920241248 सोमवार से शानिवार सुबह 08 से रात 10 बजे पर संपर्क किया जा सकता है।
    कोरोना महामारी के इस गंभीर संकट और नशा पीड़ितों की समस्या के बीच भी कई ऐसे उदाहरण हैं, जो वर्षों से शराब और ड्रग्स की आदत तो छोड़ चुके थे मगर सिगरेट, तम्बाकू और गुटका नहीं छोड़ पा रहें थे, इस लाडाउन की अवधि में उन्होंने निकोटीन मुक्त जीवन शुरू करने का प्रण लिया और लाडाउन के पहले दिन से लेकर आज तक वे सब निकोटीनमुक्त जीवन जी रहे हैं।
    परीक्षा की इस घड़ी में ये उदाहरण प्रेरणा देने वाले हैं कि जीवन कितना भी मुश्किल हो फिर भी हर परिस्थिति में आप कुछ न कुछ बेहतर कर सकते हैं। कोशिश करिये कि इस समय का सदुपयोग कर आप अपने जीवन में और अधिक कीमती एवं यादगार पलों को शामिल कर सकें।
    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम द्वारा नालसा (आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से विधिक सेवाएं) योजना, 2010 के अंतर्गत जनहित में जारी। विधिक सेवाये हेतु टोल फ्री नंबर- 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

 
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