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डिजिटल लर्निंग से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रयास करें :- कमिश्नर डॉ. भार्गव
संभागीय जूम वीसी के माध्यम से कमिश्नर डॉ. भार्गव, शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हुए रूबरू
सिंगरौली | 09-मई-2020
    कोरोना वायरस के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित न हो इसके लिए शासन द्वारा डिजिटल लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से बच्चे घर पर रहकर ही अपनी पढ़ाई-लिखाई कर दक्षता बढ़ा सकेंगे। मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम वर्तमान में एक अभिनव प्रयास है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा गुणवत्ता की शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकाधिक विद्यार्थियों को इंटरनेट के माध्यम से इस कार्यक्रम से जोड़कर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस संबंध में कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने आज अपने कार्यालय में जूम वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों से रूबरू हुए और उन्हें डिजिटल लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम (डिजी लेप) के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
    कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में रूके नहीं इसके लिए 35 से 40 प्रतिशत विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में किसी भी प्रकार का भय या दहशत न हो इसके लिए उन्हें शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही रचनात्मक सामग्री से जोड़ने का प्रयास तेजी से किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभी लक्ष्य के मुताबिक बहुत कम विद्यार्थी ही कार्यक्रम से जुड़े हैं। इसलिए जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर अधिकाधिक विद्यार्थियों को इंटरनेट की इस दुनिया से जोड़ने का प्रयास करें, जिससे रीवा संभाग के सभी जिले प्रदेश में बेहतर स्थिति में रह सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों से बात कर उनसे फीडबैक लेने का भी प्रयास करें। इस कार्यक्रम के तहत जिला एवं संकुल स्तर पर बनाई गई सेल की बैठकें नियमित रूप से करना सुनिश्चित करें।
     कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि आजकल केवल किताबें, शिक्षक, विद्यार्थी और ब्लैकबोर्ड से ही पढ़ाई पर्याप्त नहीं है बल्कि बदले हुए परिवेश में ई-लर्निंग और ऑनलाइन प्रशिक्षण को प्राथमिकता मिलती जा रही है। उनके माध्यम से बच्चों को सिखाना ज्यादा संवादात्मक हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को आधुनिक टेक्नॉलाजी का उपयोग करते हुए मोबाइल पर वीडियो गेम्स और एनिमेटेड वीडियो ही नहीं देखना चाहिए वरन राज्य शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई शिक्षण सामग्री को डाउनलोड कर अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अधिकारियों एवं शिक्षकों और संकुल स्तर पर अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं जिसमें राज्य स्तर से प्राप्त होने वाली शिक्षण सामग्री को उपलब्ध कराया जाये। शिक्षक विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करें और उनके ज्ञान में वृद्धि करें।    कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि जिला स्तर पर डीईओ, डीपीसी और डाइट प्राचार्य का सेल बनाया गया है जिसकी जिम्मेदारी कक्षा एक से आठ और कक्षा नौ से बारहवीं तक के समस्त विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ना, शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना और उसकी सतत समीक्षा करना है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर इसकी समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण डिजिटल प्रोग्राम के तहत दिया जाना है। शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सामग्री का सभी शिक्षक नियमित रूप से अध्ययन करें ताकि वे विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान कर सकें।
    कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के परिवेश में बच्चों के भविष्य निर्माण, निर्णय लेने की क्षमता तथा आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के साथ-साथ ज्ञान में वृद्धि और ज्ञान के नये क्षेत्रों की जानकारी से समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को इंटरनेट की दुनिया से जोड़ते वक्त उन पर नजर रखकर यह देखने का प्रयास करें कि वह मध्यप्रदेश शासन की ओर से उपलब्ध करायी जा रही शिक्षण सामग्री का उपयोग अपनी पढ़ाई में जरूर करें। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि शिक्षक किसी भी विद्यार्थी को एंड्रायड मोबाइल खरीदने के लिए विवश न करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए आकाशवाणी के माध्यम से भी पढ़ाई की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर का उपयोग कर विभिन्न कार्यक्रमों के प्रसारण के दौरान अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का प्रयास करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सीखना बुनियादी तौर पर सामाजिक क्रांति का अभिन्न हिस्सा है। सूचना क्रांति के इस दौर में डिजिटल शिक्षा को प्रेरित और प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि हमारे विद्यार्थी विश्व स्तरीय क्षितिज पर किसी भी स्थिति में बेहतर से बेहतर परिणाम दे सकें। उन्होंने कहा कि डिजी लेप से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जोड़ने में अच्छा योगदान करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को पुरस्कृत किया जायेगा।
    कमिश्नर डॉ. भार्गव ने निर्देश दिए कि सभी प्राचार्य व्हाट्सएप ग्रुप में शैक्षणिक सामग्री प्रेषित करें। सभी शिक्षक, छात्र एवं अभिभावकों के साथ सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उन्हें इस कार्य के लिए प्रोत्साहित करें। सभी प्राचार्य ग्रुप का सतत निरीक्षण करें। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण अंजनी त्रिपाठी ने कहा कि संभाग के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी अपने-अपने जिलों में वीसी कर लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करें। उन्होंने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त , संयुक्त संचालक लोक शिक्षण , उप संचालक कमिश्नर कार्यालय , जिला शिक्षा अधिकारी ,सहित संभाग के सभी जिलों से डीईओ, डीपीसी, डाइट प्राचार्य, एपीसी आदि अधिकारी जूम वीसी में शामिल हुए।
(133 days ago)
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