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5 वर्षीय पुत्र को दूर रखकर डॉक्टर अल्पना सक्सैना कोरोना योद्धा बनकर कर रही हैं मानवीय सेवा (कहानी सच्ची है)
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मुरैना | 13-मई-2020
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुरैना के कार्यालय में कोरोना महामारी विशेषज्ञ के पद पर पदस्थ डॉ. श्रीमती अल्पना सक्सेना अपने 5 वर्षीय पुत्र को दूर रखकर कोरोना योद्धा बनकर मुरैना जिले में कोरोना वायरस से पीडि़तों की सेवा मे जुटी हुई है।
    डॉ. श्रीमती सक्सेना झांसी उत्तरप्रदेश की रहने वाली है। कोरोना वायरस की फैली महामारी में अपने दायत्वों का निर्वहन करने में उनका 5 वर्षीय बेटा घर में अकेला रहने पर मां का ध्यान अपने दायत्विों से हटकर अपने बच्चे की ओर चिंतत रहता था।, वह अपने मानवीय सेवा के दायत्वों को निष्ठा के साथ निवा सकें। इसको लेकर वह अपने 5 वर्षीय पुत्र को अपने माता-पिता के घर झांसी छोड़ आई है। डॉ. श्रीमती सक्सेना ने बताया कि मेरा बच्चा पिछले 3-4 माह से मेरे से दूर है। डॉ. श्रीमती सक्सेना ने कहा कि मैंने यह संकल्प लिया है कि इस महामारी की लड़ाई को खत्म करके ही वह अपने घर वापस जायेंगी। 
    डॉ. श्रीमती सक्सेना ने बताया कि वह कोरोना वायरस की फेली महामारी की इस जग में भारत शासन से प्राप्त होने वाली गाइडलाइनों के अनुसार कोरोना प्रभावितों की सेवा कर रहीं है। उन्होंने बताया कि भारत में कोरोना वायरस से केशों की समीक्षा करके यहां के लोंगो को यह वायरस कितना प्रभावित करेगा, इसकी तैयारियां करना पड़ती है कि हम बढ़ते केशों को और कैसे कंट्रॉल करें। इसके अतिरिक्त मुरैना के पॉजीटिव मरीजों के उपचार के दौरान कोई कमी तो नही है, इसके लिये विभिन्न विभागों से समन्वय बनाकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है, कि कैसे भी पॉजीटिव मरीज हर हाल में बच जायें। इसके संक्रमण को रोकने में हमें सफलता मिल जाये। यही हमारे पूर जोर प्रयास रहते है। डॉ. श्रीमती सक्सेना ने बताया कि मुरैना जिला आगरा के समीप है। आगरा में कोरोना वायरस के केश भी अधिक है, हमें आगरा से आने वाले लोंगो से सर्तक रहकर अपने आप को सुरक्षित रखना है। हमें अपनी सुरक्षा पूरी सजगता के साथ करना होगी, तभी हम कोरोना की महामारी की जंग से लड़कर खुद को बचा सकेंगे।   
डॉ. अल्पना सक्सेना का मोबा. नं. 9424664600       
 
(25 days ago)
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