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मुरैना | 20-मई-2020
 
   
 
   लॉकडाउन अवधि के दौरान मजबूरन होकर मुरैना रेल्वे स्टेशन पर ट्रेन से उतरना पड़ा किन्तु भला हो मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का जिनकी सार्थकता से कलेक्टर मुरैना के सहयेग से मुझे एवं मेरे बच्चों को महाराष्ट्र के नासिक तक ट्रेक्सी द्वारा शासन खर्च पर भेजा। मैं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास के प्रति आभार मानती हूं।       
    नासिक पंचवटी निवासी श्रीमती अल्का पत्नि देवरथ ने बताया कि मैं अपने बच्चे राहुल, रोहित, अंजली के साथ दिल्ली घूमने के लिये 18 मार्च को निकली थीं। दिल्ली में लाल किला चांदनी चॉक घूमने के बाद हम लोग 24 मार्च को दोपहर दिल्ली से नासिक जाने के लिये ट्रेन बैठ । कोरोना वायरस की महामारी के कारण अचानक 24 मार्च  को संपूर्ण देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई। घोषणा के बाद जो ट्रेन जहां पहुंची वहीं उनके पहिये थम चुके थे। दिल्ली से चलने वाली ट्रेन में, मैं और मेरे तींनो बच्चे बैठे हुये थे, यह घोषणा हुई कि यह ट्रेन मुरैना से आगे नहीं जायेगी। क्योंकि केन्द्र शासन द्वारा लॉकडाउन लगा दिया गया है। इस कारण ट्रेन की आवाजाही रोक दी गई है। मैं और मेचे बच्चों को मजबूरन होकर मुरैना रेल्वे स्टेशन उतरना पड़ा और मेरे सामने मैं और मेरे बच्चों को रहने की समस्या सताने लगी। मुझे स्टेशन के लोंगो ने ही स्टेशन के पास एक मकान में आश्रय दिलाया और मैं 3-4 दिन बच्चों के साथ उस मकान में रही। इसके बाद मैं कलेक्टर से मिली और मैंने अपनी व्यथा कलेक्टर को सुनाई। जिस पर उन्होंने सहृदय दिखाते हुये तत्काल आरटीओ को निर्देश देकर एक क्रेटा टेक्सी सरकारी खर्चे पर श्रीमती अल्का को उपलब्ध करा दी। श्रीमती अल्का ने बताया कि मुझे टेक्सी के साथ-साथ नासिक जाने के लिये ई-पास भी दिया गया और मैं ई-पास के जरिये अपने गृह जिले नासिक के लिये रवाना हो गई। मैं नासिक सकुशल अपने पति के पास पहुंची और उन्हें सारी व्यथा तब पति और मैं एवं मेरे परिवार ने मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास का तहः दिल से बहुत-बहुत आभार माना। और कहा कि हम मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते है कि उनकी संवेदनशीलता से मेरी पत्नि और मेरे बच्चे नासिक पहुंच सकें है। मैं ऐसे संवेदनशील मुख्यमंत्री को सदैव याद रखूंगा। जिन्होंने इस संकट की घड़ी में मेरे परिवार को सहयोग प्रदान किया।  
    
-डी.डी.शाक्यवार
(48 days ago)
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