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सरकार ने लॉकडाउन को नहीं बनने दिया बाधा
गेहूं खरीदी की व्यवस्था से किसान हुए चिंता मुक्त शादी-ब्याह, कर्ज पटाने, मजदूरी चुकाने में काम आ रहे पैसे
दतिया | 22-मई-2020
    कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन के चलते जब रोजगार की लगभग सभी गतिविधियों बंद थीं, वहीं किसान अपनी उपज बेचकर अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं।
    कल तक जो किसान लॉकडाउन की वजह से अपने गेहूंको बेचने को लेकर चिंता में डूबे हुए थे, वहीं राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था कर दिए जाने से गेहूंकी कमाई से किसान फूले नहीं समा रहे हैं। गांठ में आए पैसों से इस विषम परिस्थिति में भी उनका परिवार खुश नजर आ रहा है।
    गेहूंकी फसल कटने के बाद किसान इस बात को लेकर बेहद परेशान थे कि अब उनकी फसल का क्या होगा। किसानों की चिंता का सबब था कि फसल कटाई के लिए मजदूरों को कहां से पैसा देंगे, आगामी फसल की तैयारी के लिए खाद-बीज की व्यवस्था कैसे करेंगे और मुसीबत के समय जिनसे उधार लिया था, उनका पैसा कैसे अदा करेंगे। लॉकडाउन ने गेहूंकी विक्री की आस में बैठे किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
    लेकिन उसी समय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की कठिनाई को देखते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की छूट दे दी। फलस्वरूप खरीदी केन्द्रों पर गेहूंआने का सिलसिला शुरू हो गया। जिले के 78 खरीदी केन्द्रों पर उनकी उपज के बदले कुल राशि 2804709955 रूपये का भुगतान किया गया। सफल भुगतान के रूप में किसानों के खातों में 1187828612 रूपये ऑनलाइन पहुंचे।
    लॉकडाउन में 200 क्विंटल गेहूं की विक्री से हुई कमाई से सिंधवारी के लोकेन्द्र दांगी ने अपनी समस्याओं से पार पा ली है। वे बताते हैं कि राज्य सरकार ने गेहूंखरीदी की छूट देकर उन्हें परेशानियों से बचा लिया है। पैसे आ जाने से अब उन्हें चिंताओं से मुक्ति मिल गई है। बीकर के देवेन्द्र दांगी ने बताया कि गेहूं उपज की विक्री से मिले पैसों से उन्होंने दूसरों से लिया उधार चुका दिया है और मजदूरों की मजदूरी दे दी है। अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है। सिंधवारी के शैलेन्द्र दांगी ने बताया कि लॉकडाउन से वे अपनी शादी को लेकर बहुत परेशान थे। लेकिन गेहूं की विक्री से हुई कमाई से अब वह अपनी शादी करने जा रहे हैं। दूसरों से लिया कर्जा भी अदा कर रहे हैं तथा अगली फसल की तैयारी भी कर रहे हैं।
 
(52 days ago)
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