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कंटेनमेंट एरिया की व्यवस्‍थाओं के लिए अधिकारियों को दिये गये निर्देश
21 दिन तक नया मरीज नहीं मिलने पर सामान्य क्षेत्र घोषित होगा
बालाघाट | 23-मई-2020
     बालाघाट जिले में कोरोना संक्रमित 03 व्यक्तियों के मिलने के बाद जिला प्रशासन और अधिक सर्तक व सजग हो गया है। अब जिस स्थान से कोरोना संक्रमित पाये गये हैं उसे कंटेनमेंट एरिया से संक्रमण बाहर ने फैले इसके लिए इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर श्री दीपक आर्य की अध्यक्षता में जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय तेम्रावाल एवं श्री दलीप सिंह उपस्थित थे।
       कलेक्टर श्री आर्य ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के पाये जाने पर उसके निवास स्थान के आसपास के क्षेत्र को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित करना है। इस बात का ध्यान रखना है कि कंटेनमेंट क्षेत्र अधिक बड़ा न हो और मरीज किस-किस क्षेत्र में गया है वे स्थान इसमें शामिल हों। संक्रमित मरीज की कांटेक्ट ट्रेसिंग करने के बाद ही कंटेनमेंट एरिया बनाना है। कंटेनमेंट क्षेत्र में मरीज के घर के आसपास के 40 से 50 घरों को शामिल करना है। जिससे उस क्षेत्र के सभी लोगों के स्वास्थ्य सर्वे में आसानी हो सकेगी। कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर शेष ग्राम को बफर जोन घोषित करना है।
     जिस क्षेत्र को कंटेनमेट क्षेत्र घोषित कर दिया गया है उस पर कड़ी निगरानी रखना है और लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने देना है। कंटेनमेंट क्षेत्र के लोगों को खेत और बाड़ी आदि में भी नहीं जाना है। लोगों को यह बात भी समझाना है कि यह सब उनकी जीवन रक्षा के लिए किया जा रहा है अत: वे उसमें पूरा सहयोग करें और निर्देशों का पालन करें। कंटेनमेंट क्षेत्र से 21 दिनों तक कोई भी नया संक्रमित व्यक्ति मरीज नहीं मिलने पर ही उस क्षेत्र से पाबंदियां हटाकर उसे सामान्य क्षेत्र घोषित किया जायेगा। कंटेनमेंट क्षेत्र में पेयजल, बिजली एवं जरूरी सामग्री की आपूर्ति पर भी ध्यान देना है। कंटेनमेंट क्षेत्र की गतिविधियों पर निगरानी के लिए सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाना है।
     बैठक में बताया गया कि कंटेनमेंट क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखना है और स्वास्थ्य जांच के लिए जाने वाले लोगों को सुरक्षा प्रोटोकाल का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करना है। स्वास्थ्य जांच करने वाली टीम के प्रत्येक सदस्य के मास्क, ग्लब्स, केप, सेनेटाईजर होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि रेड जोन से आने वाले व्यक्ति की तुरंत पहचान होना चाहिए। जिले में बड़ी संख्या में बाहर से आ रहे लोगों की संख्या को देखते हुए प्रत्येक विकासखंड में 50 संदिग्ध लोगों को आईसोलेशन में रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये। संदिग्ध मरीजों को अलग-अलग कमरे में रखने एवं उन्हें भोजन देने में भी दूरी के प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश दिये गये।  
 
(11 days ago)
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