समाचार
|| आत्म बल, संयम और दृढ़ निश्चय से पाई कोरोना पर विजय-भोपाल से आज फिर 53 व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर रवाना || वर्षा की स्थिति || सर्दी, खांसी एवं बुखार होने पर कलेक्टर ने फीवर क्लीनिक मंे जांच करानें की आम जनता को दी सलाह || प्रभारी मंत्री मीना सिंह ने जिलावासियो को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एक एक पौध रोपित करने की अपील की || बड़वानी के बफर झोन के 50 मकानो का किया गया सर्वे || शिक्षको ने भी किया विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण || किड्स फोर्स के बच्चों ने बाट रखे हैं अपने मनपसंद पौधे || विरासत में मिली प्रकृति की धरोहर रूपी वृक्षों को संभाले युवा - श्री नीतीश कुमार || सी.एम. हेल्पलाइन से पांच हजार लोगों को मिली राहत || वृक्षों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती - न्यायाधीश श्री जोशी
अन्य ख़बरें
कोरोना को तकनीक से मात देने आईटी पार्क के हुनरमंदों ने बनाई एमिओन्स मशीन
-
जबलपुर | 23-मई-2020
 
   कोरोना सहित अन्य वायरस और हानिकारक बैक्टीरिया को तकनीक से मात देने के लिए आई.टी. पार्क के प्रोजेक्ट इंजीनियर अभिषेक मुद्गल और पी.के. दीक्षित के मार्गदर्शन में एमिओन्स (AMions) नामक एक अत्याधुनिक मशीन निर्मित की गई है । इस मशीन के द्वारा हर तरह के वायरस और बैक्टीरिया या दूसरे किसी भी हानिकारक गैस और तत्वों को हवा से निकालकर शुद्ध हवा प्राप्त कर सकते हैं।
   आई.आई.टी. खड़गपुर एवं भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय में सलाहकार रह चुके और एमिओन्स मशीन निर्माण टीम के शिवांशु मेहता एवं गौरव विश्वकर्मा ने आज कलेक्टर भरत यादव के समक्ष मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि इस मशीन के निश्चित दायरे में जब हवा प्रवेश करती है तब उसमें मौजूद गैसों से हाइड्रोक्सी कंपाउंड बनते हैं जिसमें हाइड्रोजन पॉजिटिव आयन से और ऑक्सीजन नेगेटिव आयन से चार्ज होता है जब यह  चार्ज  गैस हवा में फैलता है, तब यह रिएक्टिव हाइड्रॉक्साइड हवा में मौजूद कोरोना वायरस के प्रोटीन आवरण को तोड़ देता है । जिसके बाद यह वायरस खत्म हो जाता है और यही प्रक्रिया अन्य दूसरे वायरस और बैक्टीरिया के साथ भी होती है और इस तरह से हम एक बंद कमरे, हॉस्पिटल, ऑफिस, स्कूल या अपने घरों से इस वायरस को फैलने से रोक सकते हैं यह एक बहुत ही शक्तिशाली और कारगर मशीन है जिसके द्वारा एक बड़े एरिया को वायरस से मुक्त किया जा सकता है । साथ ही यह मशीन कोरोना संक्रमित व्यक्ति के लंग्स फंक्शन को अच्छा करती है। इस  तकनीक  को SARS CO1 और MERS  जैसे पुराने कोरोना वायरस को रोकने के लिए 2004 में इस्तेमाल किया गया था।
   जल्दी ही मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ प्रदीप कसार एवं उनकी टीम मशीन का डेमोंस्ट्रेशन देखेंगे फिर उसे आईसीएमआर को स्वीकृति के लिए भेजा जावेगा।
(13 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2020जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
25262728293031
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293012345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer