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टिड्डी दल के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला, अनुभाग एवं ग्राम स्तरीय दल का गठन
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नरसिंहपुर | 24-मई-2020
    संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मप्र भोपाल और सचिव कृषि एवं सहकारिता भारत सरकार द्वारा टिड्डी दल प्रकोप के संबंध में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिये गये निर्देशों के पालन में जिले में कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने टिड्डी दल के संभावित प्रकोप होने को दृष्टिगत एवं प्रकोप नियंत्रण के लिए सूचनाओं के त्वरित आदान- प्रदान तथा बचाव के प्रभावी उपाय करने के लिए कम्युनिकेशन दल का गठन किया गया है। कलेक्टर ने जिला स्तरीय, अनुभाग स्तरीय व ग्राम स्तरीय दल का गठन किया गया है। उपरोक्त दल आवश्यकतानुसार प्रकोप संभावित क्षेत्र का भ्रमण करेंगे एवं दिये गये विवरण अनुसार कार्य तत्परता से सम्पादित करेंगे।
         जिला स्तरीय दल में सीईओ जिला पंचायत श्री केके भार्गव, उप संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र श्री बीएम सहारे, पशु चिकित्सक श्री केके शर्मा, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री आरएस शर्मा और एसडीओ फारेस्ट सामान्य जिला मुख्यालय श्री डीके श्रीवास्तव को शामिल किया गया है।
         अनुभाग स्तरीय दल में नरसिंहपुर हेतु एसडीएम श्री महेश कुमार बमनहा, वैज्ञानिक केव्हीके श्री आशुतोष शर्मा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री एनपी भलावी, तहसीलदार श्री राजेश कुमार मरावी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्री देवेन्द्र दीक्षित, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री किशन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड नरसिंहपुर श्री एनके आरसे, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी विकासखंड नरसिंहपुर श्री मेहरवान सिंह गेहरवाल, पशु चिकित्सा अधिकारी विकासखंड नरसिंहपुर डॉ. नितिन किरार एवं रेंज ऑफिसर फारेस्ट, करेली हेतु एसडीएम करेली सुश्री संघमित्रा बौद्ध, सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी नरसिंहपुर श्री आरएन पटैल, वैज्ञानिक केव्हीके श्री एसआर शर्मा, तहसीलदार श्री रमेश मेहरा, सीईओ जनपद करेली श्री प्रबल अरजरिया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी करेली सुश्री स्नेहा मिश्रा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड करेली श्री हर्षवर्धन पांडेय, पशु चिकित्सा अधिकारी विकासखंड नरसिंहपुर श्री आरएस रघुवंशी एवं रेंज ऑफिसर फारेस्ट को शामिल किया गया है।
         इसी तरह गोटेगांव हेतु एसडीएम श्री डीएस तोमर, सहायक कृषि यंत्री नरसिंहपुर श्री राहुल साहू, तहसीलदार श्री लालशाह जगेत, सीएमओ गोटेगांव श्री मौसम पालेवार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड गोटेगांव श्री आरएन त्रिपाठी, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकासखंड गोटेगांव श्री शेरकू हरिनखेड़े, पशु चिकित्सा अधिकारी गोटेगांव डॉ. प्रिया वालिया एवं रेंज ऑफिसर फारेस्ट, गाडरवारा हेतु एसडीएम श्री राजेश शाह, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री केएस रघुवंशी, वैज्ञानिक गन्ना अनुसंधान केन्द्र बोहानी डॉ. ब्रजकिशोर शर्मा व डॉ. रमेश अमूले, तहसीलदार गाडरवारा श्रीमती मीनाक्षी जायसवाल, सीईओ जनपद सांईखेड़ा श्री भाईजी ठाकुर, सीईओ जनपद चीचली श्रीमती प्रतिभा परते, सीएमओ गाडरवारा श्री संजय बाबू राव घटोडे, सीएमओ सांईखेड़ा श्री हरिशंकर वर्मा, सीएमओ चीचली श्री जीएस राजपूत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सांईखेड़ा श्री पीएस कौशल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चीचली श्री एके दुबे, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान सांईखेड़ा श्रीमती नम्रता रघुवंशी, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान चीचली सुश्री स्नेहलता सोलंकी, पशु चिकित्सा अधिकारी सांईखेड़ा डॉ. पीके दुबे, पशु चिकित्सा अधिकारी चीचली डॉ. महेन्द्र पाल व रेंज ऑफिसर फारेस्ट और तेंदूखेड़ा हेतु एसडीएम श्री आरएस राजपूत, वैज्ञानिक गन्ना अनुसंधान केन्द्र बोहानी डॉ. आशीष तिवारी, तहसीलदार श्री पंकज मिश्रा, सीईओ जनपद श्री रवीन्द्र गुप्ता, सीएमओ तेंदूखेड़ा श्री धर्मेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चांवरपाठा श्री बीएम साहू, प्रभारी वरिष्ठ उद्यान चांवरपाठा सुश्री स्वेता जमरा, पशु चिकित्सा अधिकारी चांवरपाठा डॉ. राजीव जैन व रेंज ऑफिसर फारेस्ट को शामिल किया गया है।
         ग्राम पंचायत स्तरीय दल में संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, एव्हीएफओ, वनरक्षक, चौकीदार व प्रगतिशील कृषकों को शामिल किया गया है।
         जारी आदेश में ग्राम स्तरीय दल से कहा गया है कि वे टिड्डी दल के जिले में प्रकोप की आंशका को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्राम में मुनादी करवाकर ग्रामीणजनों को इस आपदा के प्रकोप के संबंध में जागरूक करेंगे। टिड्डी दल के प्रकोप की स्थिति में बचाव के क्या- क्या उपाय किये जा सकते हैं, इस संबंध में ग्रामीणजनों को जागरूक करेंगे। टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव के लिए यह आवश्यक है कि टिड्डी दल को वर्तमान में हरे पेड़ो/ फसलों पर बैठने न दें। इसके लिए ध्वनिविस्तारक यंत्र जैसे मादल, ढोलक, डीजे, खाली टीन के डिब्बे, थाली, ट्रेक्टर का साइलेंसर निकालकर चलाना इत्यादि का सामूहिक रूप से प्रयोग करते हुए तेज ध्वनि उत्पन्न करना चाहिये, जिससे टिड्डी पेड़ों/ फसलों पर न बैठते हुए आगे प्रस्थान कर जाती हैं। टिड्डी दल के प्रकोप होने पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन जैसे ट्रेक्टर ऑपरेटेड पावर स्प्रेयर, शक्ति चलित स्प्रे पम्प, हस्तचलित स्प्रे पम्प इत्यादि को रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव हेतु तैयार रखेंगे। अग्निशामक यंत्र को उप संभाग स्तर पर अधिग्रहित कर तैयार रखा जावे, ताकि आपदा की स्थिति में तत्काल प्रकोपित क्षेत्र में रासायनिक नियंत्रण हेतु पहुंचाया जा सके। नजदीकी पुलिस थानों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों से सतत सम्पर्क में रहकर सूचनाओं का आदान- प्रदान करते रहें। सामान्यत: टिड्डियों का झुंड दिन के समय उड़ता रहता है एवं शाम होने पर 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक पेड़ों पर, झाड़ियों में, फसलों आदि पर बसेरा कर रात्रि बिताते हैं एवं सूर्योदय के उपरांत पुन: उड़कर हवा की दिशा में आगे की ओ बढ़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में यदि सायं के समय टिड्डी दल का प्रकोप हो गया तो सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक अनुशंसित कीटनाशी दवायें ट्रेक्टर चलित स्प्रे पम्प (पॉवर स्प्रेयर) द्वारा जैसे क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1200 मिली या डेल्टामेथ्रिन 2.8 ईसी 600 मिली अथवा लेम्डासायलोथ्रिन 5 ईसी 400 मिली, डाईफ्लूबिनज्यूरॉन 25 डब्ल्यूटी 240 ग्राम प्रति हेक्टर 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। किसान भाई टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध न हो तो ऐसी स्थिति में ट्रेक्टर चलित पॉवर स्प्रे के द्वारा तेज पानी के बौछार से भी भगाया जा सकता है। टिड्डी दल यदि दिन के समय खेतों या पेड़ों, हरियाली पर बैठते हैं एवं सम्पूर्ण वनस्पति को नष्ट करता है, ऐसे में इस आपदा (टिड्डी दल) के प्रभावी नियंत्रण हेतु अनुविभाग स्तर पर एवं जिला स्तर पर गठित दल के सतत सम्पर्क में रहकर टिड्डी दल के प्रकोप के संबंध में त्वरित सूचनाओं का आदान- प्रदान करते रहेंगे।
         जारी आदेश में अनुविभाग स्तर पर गठित दल को निर्देशित किया है कि वे जिला स्तरीय दल के सम्पर्क में रहकर अद्यतन सूचनाओं का ग्राम स्तर तक प्रसारण करेंगे। ग्राम स्तरीय दल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मार्गदर्शन प्रदान करना एवं आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करेंगे। संबंधित पुलिस थानों को सूचित कर वायरलेस सेट के माध्यम से सूचनाओं का त्वरित आदान- प्रदान एवं ग्राम स्तरीय दल की सहायता करेंगे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव हेतु उपलब्ध अग्निशामक यंत्र चालू स्थिति में मय वाहन चालक के तैनात रहेंगे।
         कलेक्टर ने जारी आदेश में जिला स्तरीय दल को आदेशित किया है कि वे अनुविभाग एवं ग्राम स्तरीय दल को मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे। टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव हेतु आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करना तथा सीमावर्ती जिले एवं राज्यों के प्रशासनिक अमले से सम्पर्क कर आवश्यक सूचनायें गठित दलों तक प्रसारित करेंगे। इसके साथ ही टिड्डी दल के प्रभावी नियंत्रण हेतु जिले की फसल/ वन सम्पदा की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये कीटनाशकों के उपयोग हेतु लगने वाले आवश्यक यंत्रों, कीटनाशकों की व्यवस्थायें सुनिश्चित करेंगे।

 
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