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पंजीकृत किसानों द्वारा बोई गई फसलों की वास्तविक जांच कराएं- कलेक्टर डॉ. रावत
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शाजापुर | 28-मई-2020
    समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी के लिए बनाए गए उपार्जन केन्द्रों पर गेहूँ से भरी ट्रालियों और वाहनों की भारी भीड़ को देखते हुए कलेक्टर डाँ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने शाजापुर एवं शुजालपुर के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केन्द्रों पर दल बनाकर पंजीकृत किसानों द्वारा बोई गई वास्तविक फसलों का यथोचित जांच कराने के उपरांत गेहूँ की तुलाई की कार्रवाई कराएं। साथ ही सत्यापन रिपोर्ट प्रतिदिन कलेक्टर कार्यालय को प्रेषित भी करें।
       कलेक्टर ने बताया कि विगत दिनों उनके द्वारा मंगलाज, अकोदिया, मकोड़ी, सुन्दरसी के खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया गया था। इन केन्द्रों पर किसानों द्वारा अतिरिक्त फसल बेचने का प्रयास किया जाकर भीड़ इकट्ठी की जा रही है और तुलाई के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि प्रत्येक खरीदी केन्द्र के लिए तत्काल दल बनाएं और समर्थन मूल्य पर एक बार अपनी उपज विक्रय करने के बाद दोबारा विक्रय के लिए दबाव बनाने वाले कृषकों की वास्तविक रूप से फसल बोने की यथा उचित जाँच कराकर गेहूँ तुलाई की कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करें।
            कलेक्टर डॉ. रावत ने बताया कि रबी उपार्जन वर्ष 2020-21 में 15 अप्रैल से पंजीक़त किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। जिन कृषकों को जिस तारीख का एसएमएस दिया गया था, वे उसी तारीख को संबंधित उपार्जन केन्द्र में भौतिक रूप से गेहूँ के साथ उपस्थित हुए थे और उनकी फसल की तुलाई की यथोचित कार्यवाही भी संपादित कर दी गई थी। इसके बाद भी कुछ किसान उपार्जन केन्द्रों पर उपस्थित होकर अनावश्यक रूप से फसल तौलने का दबाव बना रहें है। इसे देखते हुए अनुविभागीय अधिकारियों को जिन किसानों द्वारा इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है, उनकी बोयी फसल की जांच कराने के उपरान्त तौल कराने के लिए निर्देश दिए गए है। ऐसे कृषकों द्वारा असत्य जानकारी देने पर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करने के लिए भी कहा गया है।
 
(41 days ago)
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