समाचार
|| आज से राजस्व न्यायालय का कार्य पुनः प्रारंभ करने के कलेक्टर ने दिये निर्देश || कोविड-19 मे जारी प्रोटोकाल का पालन नही करने पर अब संबंधित को कोरोना वॉलिंटियर्स के रूप करनी होगी ड्यूटी || कोविड की एसओपी का पालन कराने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई || आज एक पॉजिटिव मरीज मिला || किल कोरोना अभियान : छठवें दिन 48 हजार 215 घरों के 2 लाख 47हजार व्यक्तियों के स्वास्थ्य का हुआ सर्वे || कोरोना से स्‍वस्‍थ हुये दो व्‍यक्ति डिस्‍चार्ज || कलेक्‍टर श्री यादव ने दसवीं कक्षा की प्रावीण्‍य सूची में शामिल सभी छात्रों को किया सम्‍मानित || जिले विक्‍टोरिया अस्‍पताल के कूलरों एवं पानी की टंकियों में की गई लार्वा की जांच || आई.टी.आई. में प्रवेश के लिए 19 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन || राज्यमंत्री श्री कावरे का भ्रमण कार्यक्रम
अन्य ख़बरें
हरदा एवं होशंगाबाद जिलों में मूंग की फसल से आएगी आर्थिक खुशहाली (विशेष लेख)
कोरोना संक्रमण के बावजूद 2700 करोड़ से अधिक की मूंग की पैदावार
हरदा | 02-जून-2020
    कोरोना संक्रमण काल में जहां लॉकडाऊन के कारण देश भर में  लोगों के रोजगार से वंचित होने की खबरे आई है, वहीं प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग के दो जिलों हरदा एवं होशंगाबाद में किसानों ने 2 हज़ार करोड़ से अधिक मूल्य की मूंग की पैदावार की है वहीं हज़ारों श्रमिकों को कृषि कार्य में रोज़गार भी दिया है। माँ नर्मदा की गोद में बसे इन ये दोनों जिले कृषि क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिले हैं। यहाँ पर खरीफ एवं रबी फसलों के अलावा ग्रीष्मकालीन कालीन मूंग की खेती भी बहुतायत में की जाती है। सिंचाई के लिए तवा जलाशय से पानी मिलता है। गत वर्ष मानसून में अच्छी बारिश होने के कारण किसानों को मूंग की सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलने की उम्मीद थी, परंतु कोरोना संक्रमण के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरदा विधायक एवं कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के प्रयासों से किसानों के हित में 3 अप्रैल को सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया। यह निर्णय होते ही अंचल के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरी मेहनत और लगन से किसानों ने खेतों में मूंग उगाई है। इस साल पानी उपलब्ध होने के कारण मूंग का रकबा भी बड़ा है। होशंगाबाद में 1 लाख 82 हज़ार हेक्टेयर वहीं हरदा में 82 हज़ार 500 हेक्टेयर के रकबे में मूंग लगाई गई है। दोनों जिलों में मूंग की औसत उत्पादकता 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस अनुपात से हरदा में लगभग 1 लाख 23 हज़ार मैट्रिक टन वहीं होशंगाबाद में लगभग 2 लाख 73 हज़ार मैट्रिक टन मूंग का उत्पादन होने की संभावना है। इस उत्पादन से अंचल के किसानों को लगभग 2 हज़ार 700 करोड़ रूपये की आय होगी। संकट काल में जहां बड़े बड़े उद्योगपतियों की मिलें बंद रही, वहीं इन दोनों जिलों के किसानों ने इस उत्पादन से न केवल देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है, वहीं हज़ारों श्रमिकों को कृषि कार्य में संलग्न कर उन्हें रोज़गार दिया है। यह सब प्रदेश के किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के कारण संभव हो पाया है, जिन्होंने समय पर नहर का पानी छोड़ने का निर्णय लिया। साथ ही संक्रमण काल में किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक आदि की भी कोई कमी नहीं होने दी।
(35 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2020अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer