समाचार
|| कलेक्टर ने विराम को सफल बनाने में सहयोग के लिये नागरिकों का आभार माना || कोरोना से स्वस्थ होने पर छह व्यक्तियों की अस्पताल से छुट्टी || गुरु पूर्णिमा पर रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित || प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे हुआ || लोक अदालत में सम्पत्ति कर के अधिभार पर मिलेगी 100 प्रतिशत की छूट || प्रदेश में फिल्म्स व सीरियल्स की शूटिंग के लिए एमपी टूरिज़्म ने जारी की एडवाइजरी || नर्मदा जल का पूरा उपयोग किया जायेगा || रोजगार सेतु पोर्टल से अब 16 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को मिला रोजगार || विधानसभा उप निर्वाचन की तैयारी के लिए विडियो कांफ्रेंस 07 जुलाई को || यात्री बसों के संचालन के संबंध में निर्देश
अन्य ख़बरें
किसान अब कृषि उपज का बाधा मुक्त व्यापार कर सकेंगे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री एवं कृषि मंत्री को धन्यवाद दिया
बड़वानी | 04-जून-2020
      मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंजूरी दिये जाने से अब किसान कृषि उपज का बाधा मुक्त व्यापार कर सकेंगे। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में अभी तक की सभी बाधाएं हट जायेंगी तथा किसानों को अपनी फसल का अच्छा लाभ मिल सकेगा।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के हित में किये गये इस फैसले के लिये प्रधानमंत्री एवं कृषि मंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अभी तक किसान मण्डी के लायसेंसधारी व्यापारी को ही अपनी फसल बेच सकते हैं। परंतु अब उनके सामने फसल बेचने के लिये कई विकल्प होंगे। वे अपने खेत से, घर से तथा राज्य के बाहर भी, जहाँ उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल सके अपनी फसल बेच सकेंगे। किसानों की फसलों को बेचने के लिये ई-प्लेटफार्म भी बनाया जा रहा है।
केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा जारी कृषि उपज का बाधा मुक्त व्यापार अध्यादेश
कैबिनेट ने कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी।
पृष्ठभूमि
    कई तरह के नियामक प्रतिबंधों के कारण देश के किसानों को अपने उत्पाद बेचने में काफी दिक्कत आती है। अधिसूचित कृषि उत्पाद विपणन समिति वाले बाजार क्षेत्र के बाहर किसानों पर उत्पाद बेचने पर कई तरह के प्रतिबंध हैं। उन्हें अपने उत्पाद सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त खरीदारों को ही बेचने की बाध्यता है। इसके अतिरिक्त एक राज्य से दूसरे राज्य को ऐसे उत्पादों के सुगम व्यापार के रास्ते में भी कई तरह की बाधाएं हैं।
लाभ
    अध्यादेश के लागू हो जाने से किसानों के लिए एक सुगम और मुक्त माहौल तैयार हो सकेगा जिसमें उन्हें अपनी सुविधा के हिसाब से कृषि उत्पाद खरीदने और बेचने की आजादी होगी। अध्यादेश से राज्य के भीतर और बाहर दोनों ही जगह ऐसे बाजारों के बाहर भी कृषि उत्पादों का उन्मुक्त व्यापार सुगम हो जाएगा जो राज्यों के कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम के तहत अधिसूचित हैं।
    इससे किसानों को अधिक विकल्प मिलेंगे। बाजार की लागत कम होगी और उन्हें अपने उपज की बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसके अलावा अतिरिक्त उपज वाले क्षेत्रों में भी किसानों को उनके उत्पाद के अच्छे दाम मिल सकेंगे और साथ ही दूसरी ओर कम उपज वाले क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को भी ज्यादा कीमतें नहीं चुकानी पड़ेंगी। अध्यादेश में कृषि उत्पादों का सुगम कारोबार सुनिश्चित करने के लिए एक ई-प्लेटफॉर्म बनाए जाने का भी प्रस्ताव है।
एक देश-एक कृषि बाजार
    अध्यादेश का मूल उद्देश्य एपीएमसी बाजारों की सीमाओं से बाहर किसानों को कारोबार के अतिरिक्त अवसर मुहैया कराना है जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपने उत्पादों की अच्छी कीमतें मिल सकें। यह निश्चित रूप से ‘एक देश-एक कृषि बाजार’  बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और कठोर परिश्रम करने वाले हमारे किसानों के लिए उपज की मुंह मांगी कीमत सुनिश्चित करेगा।
 
(31 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2020अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer