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खेत में पसीना बहाकर बेटे को बनाया इंस्पेक्टर और बेटी बनी प्रोफेसर
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टीकमगढ़ | 27-जून-2020
    भगवान के बाद इस धरती पर माता-पिता को ही ईश्वर का रूप माना जाता है। आखिर हो भी क्यों नहीं, क्योंकि माता-पिता ही तो होते है, जो अपनी सारी जरूरतों और इच्छाओं को मारकर न केवल अपने बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करते है, बल्कि उनके भविष्य को गढ़ने के लिये खुद के जीवन को मिट्टी में मिला देते है। ऐसे ही एक पिता हैं, जिन्होंने खुद को खेतो में खपा कर अपने बच्चों को न सिर्फ अच्छी शिक्षा दी बल्कि अपने पुत्र को जहां सबइस्पेक्टर बनाया वहीं बेटी को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाकर अपने दायित्व को पूरा किया। आज यह बेटा और बेटी अपने पिता को भगवान की उपाधी दे रहे हैं।
   गांव में रहने वाले भगवानदास तिवारी पैतृक रूप से खेती का काम करते हैं। जीवन भर खेती करने वाले भगवानदास का सपना था कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और वह भी नाम कमायें, इसके लिये उन्होंने खेतों में दिन रात अथक परिश्रम किया। उनका यह परिश्रम आज पूरे गांव में बेटा अवधेश तिवारी के एसआई एवं बेटी पूजा के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कामयाबी के साथ दमक रहा है।
पिता ने किसी भी चीज को मना नही किया
   अवधेश बताते हैं कि उनके पिता ने कभी भी किसी भी चीज के लिये मना नही किया, हमेश उनका हौसला बढ़ाया। अच्छी पढ़ाई के साथ ही हर जरूरत को पूरा किया। जब उन्होंने पिता से कहा कि वह पुलिस में जाना चाहते है तो उनकी शारीरिक श्रम के साथ ही अन्य जरूरतों को पूरा किया। आज उन्हीं के कारण मैं यह सफलता हासिल कर सका हूं। विदित हो कि अवधेश ने वर्ष 2017 में यह उपलब्धि हासिल की और आज यह पुलिस में एसआई है। भगवान दास ने न केवल अपने बेटों की शिक्षा पर ध्यान दिया, बल्कि बेटियों को भी समान अवसर दिया। पिता के समान व्यवहार के कारण ही उनकी बेटी पूजा ने वर्ष 2019 में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को उत्तीर्ण किया और आज वह छतरपुर जिले में पदस्थ हैं। पूजा भी अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को देती हैं। वह कहती हैं कि ग्रामीण परिवेश होने के बाद भी पिता ने कभी भी बेटा-बेटी मे फर्क नहीं होने दिया। वहीं भगवानदास कहते हैं कि बच्चों की इस सफलता ने उनके सपनों को पूरा कर दिया है।
(38 days ago)
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