समाचार
|| ड्यूटी लगाने के निर्देश || कंटेनमेंट एरिया घोषित || कोरोना से स्वस्थ होने पर आज 90 व्यक्तियों को किया गया डिस्चार्ज अब तक 991 व्यक्ति हुये स्वस्थ || होटल में रहकर भी मिलेगी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ईलाज की सुविधा || जिले में अब तक 337.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज || पशुओं को मुंह एवं खुर पका रोग से निजात दिलाने टीकाकरण का विशेष अभियान जारी || सोमवार 3 अगस्त का कोरोना हेल्थ बुलेटिन || कोविड केयर सेंटर में मनाया गया राखी का त्यौहार || सुखद खबरों का सिलसिला जारी || आज मुरैना शहर की विद्युत बंद रहेगी
अन्य ख़बरें
पैरा-मेडिकल स्टाफ 24 घंटे वन स्टॉप सेंटर पर सेवाएँ देगें
-
दतिया | 03-जुलाई-2020
    वन स्टॉप सेंटर में पहुँचने वाली हिंसा प्रभावित महिला को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के मद्देनजर अब पैरा मेडिकल स्टॉफ जिसमें प्रशिक्षित नर्स, ए.एन.एम., एम.बी.बी.एस., बी.ए.एम.एस., बी.एच.एम.एस, यूनानी डॉक्टर्स को शिफ्ट के आधार पर चौबीस घंटे सेवाए देनी होगी। भारत सरकार द्वारा जारी गाईडलाइन अनुसार वन स्टॉप सेंटर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन को जारी किया गया है।
   वन स्टॉप सेंटर पर पैरा-मडिकल स्टॉफ की रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाई जाएगी। हिंसा प्रभावित महिला/बालिका के सेंटर पहुँचने पर जीवन-रक्षक दवाइयाँ एवं प्राथमिकता चिकित्सा देकर अपने साथ अस्पताल में पहुँचाने की जिम्मेदारी पैरा-मेडिकल स्टाफ की होगी। उनके द्वारा लैंगिक उत्पीडन संबंधी प्रकरणों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल अनुसार मेडिकल-लीगल एवं फोरेसिंक जाँच तथा अन्य टेस्ट करवाना सुनिश्चित किया जायेगा।
   जिला स्तर पर एमओएचएफ डब्ल्यू द्वारा जारी प्रोटोकॉल को  स्थानीय भाषा में अनुवादित कर पैरा-मेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मियों, वन स्टॉप सेंटर एवं प्रशासकीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही प्रोटोकॉल निर्देशों को कैलेण्डर के रूप में विकसित कर वन स्टॉप सेंटर और सर्वे संबंधितों को प्रदाय किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त राज्य में संचालित शासकीय एवं अशासकीय अस्पताल, डॉक्टर्स के पूर्ण पते, निजी क्लीनिक एवं शासकीय एम्बुलेंस शासकीय एवं निजी ब्लड बैंक की डायरेक्ट्री भी विकसित कर वन स्टॉप सेन्टर और संबंधितों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त पैरा-मेडिकल स्टाफ/स्वास्थ्य कर्मियों के लिये प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे।
गंभीर कुपोषित बच्चों में कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं बचाव के दिशा-निर्देश जारी
    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के नियत्रंण एवं बचाव के दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। उल्लेखनीय है कि गंभीर कुपोषित बच्चों में सामान्य बच्चों की तुलना में आम बाल्यकालीन बीमारियों से नौ से बीस गुना अधिक खतरा रहता है। अतरू पोषण केन्द्रों, एस.एम.टी.यू. एवं स्मार्ट यूनिट, एम्स भोपाल से भर्ती गंभीर कुपोषित बच्चों में कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
केन्द्र में भर्ती संबंधी निर्देश
    एन.सी.आर में भर्ती के समय समस्त बच्चों में कोविड-19 के लक्षणों(तेज बुखार के साथ सर्दी, खांसी व सांस लेने में तकलीफ) की जाँच एवं कोविड-19 लक्षणात्मक बच्चों को कोविड-19 स्क्रीनिंग वार्ड में रेफर कर Isolate किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण से बचाव के लिए शैय्याओं के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो। वार्ड में संकुचित जगह की दशा में भर्ती बच्चों को उपलब्ध कराई जाने के निर्देश दिए गए है। भर्ती बच्चों की माताओं के साथ दैनिक समूह परामर्श, प्ले थेरेपी, पौष्टिक आहार बनाने की विधि का प्रदर्शन आदि समस्त गतिविधियां आगामी आदेश तक स्थगित रहेंगी। भर्ती बच्चों की माताओं/देखभालकर्ताओं को बेड-टू-बेड व्यक्तिगत परामर्श दिया जायेगा। इस दौरान मास्क का प्रयोग तथा भर्ती बच्चों की माताओं/देखभातकर्ताओं से एक मीटर की दूरी रखी जाये। व्यक्तिगत परामर्श में भर्ती बच्चों की माताओं को रोगप्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों, व्यक्तिगत स्वच्छता, कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं सामूहिक दूरी (Social Distancing) पर विशेष रूप से परामर्श दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
    भर्ती बच्चों में चिकित्सकीय जटिलता सामान्य होने पर एन.आर.सी. से छुट्टी की जाये। किसी भी दशा में उन्हें एन.आर.सी. में अनावश्यक रूप से 14 दिन तक न रखा जाये। छुट्टी होने पर मां/देखभालकर्ता को बच्चे की घर पर की जाने वाली देखभाल संबंधी समझाईश एवं आवश्यक औषधि व मल्टीविटामिन सिरप प्रदाय की जाय। कोविड-19 की सक्रिय संचार अवधि से जुड़े खतरे को दृष्टिगत रखते हुए, छुट्टी प्राप्त समस्त बच्चों को 15 दिन के अंतराल से दूरभाष पर फॉलोअप किया जाये। केवल चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को ही एन.आर.सी में फॉलोअप के लिए बुलाया जाये।
एन.आर.सी. स्टॉफ के लिए निर्देश
    समस्त एन.आर.सी स्टाफ, भर्ती बच्चों की माताएँ/देखभालकर्ता एवं भर्ती बच्चों द्वारा नियमित अंतराल से साबुन से हाथ धोने की क्रिया को व्यवहार में लाने के निर्देश दिए गए हैं। पोषण पुर्नवास केन्द्र में प्रवेश पर हाथ धोना, हैंड सेनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाये। इसके लिए हैंड सेनिटाइजर तथा साबुन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एन.आर.सी में स्टाफ द्वारा प्रत्येक दो केस (बच्चों) के अंतराल पर हाथ धोना, हैंड सेनिटाइजर का उपयोग सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा। भर्ती बच्चों व उनकी माताओं/देखभालकर्ता तथा एन.आर.सी स्टाफ में यदि कोविड-19 के लक्षण परिलक्षित हों तो दिशा-निर्देश अनुरूप मास्क का उपयोग किया जाये एवं उन्हें आयसोलेशन वार्ड में भेजा जाना सुनिश्चित किया जायेगा। एन.आर.सी. में दैनिक उपयोग वाले उपकरणों तथा वजन मशीन, ऊँचाई/लंबाई मापन हेतु इनफैन्टोमीटर, स्टाडियोमीटर, लैंग्थ मैट तथा MUAC टेप, डिजिटल थर्मोमीटर, ड्रग ट्रे, बच्चों के खिलौने, बर्तन, चादरें वार्ड के दरवाजें व खिडकियां, आदि को नियमित रूप से साफ व कीटाणुरहित किया जाये।
 
(31 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2020सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer