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जनसंख्या स्थिरता माह का शुभारंभ एवं कार्यशाला आयोजित
बॉस्केट ऑफ चॉइस की किट का अनावरण
बैतूल | 11-जुलाई-2020
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अंतर्गत 11 जुलाई से 11 अगस्त 2020 तक आयोजित किये जाने वाले जनसंख्या स्थिरता माह का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप धाकड़, सिविल सर्जन डॉ0 अशोक बारंगा, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ आरके धुर्वे, आरएमओ डॉ. एके पांडे, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. गोहिया की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं की कार्यशाला आयोजित की गई एवं बॉस्केट ऑफ चॉइस की किट का अनावरण भी किया गया।
    सीएमएचओ ने बताया कि बढ़ती हुई जनसंख्या के नियंत्रण के लिये जन्म अंतराल को बढावा देना आवश्यक है, इस हेतु बालिका का विवाह 18 वर्ष की उम्र के पश्चात किया जाये। विवाह के दो वर्ष के पश्चात 2 बच्चों के जन्म के बीच में 3 साल का अंतर होना अनिवार्य है। जन्म अंतराल के लिये परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थायी साधन निरोध, छाया, अंतरा जैसे साधनों के उपयोग हेतु लक्ष्य दंपत्तियों का चिन्हांकन कर उन्हें परामर्श देकर उपयोग हेतु प्रेरित किया जाये।  इसके उपयोग से मां एवं शिशु दोनों का ही स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा तथा सीमित परिवार रखा जा सकेगा। परिवार नियोजन के स्थाई साधन महिला नसबंदी , पुरूष नसबंदी के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिग एवं समस्त प्रोटोकॉल का पालन करते हुये अभियान को सफल बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
    सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा द्वारा परिवार कल्याण एवं बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणाम तथा बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में किस प्रकार बाधक है, इस बारे में जानकारी दी गई एवं बताया गया कि जनसमुदाय को सीमित परिवार के बारे में जानकारी देकर जागृति लाना स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
    जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. आरके धुर्वे द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण का महिला शिक्षा से संबंध एवं जनसंख्या स्थिरता माह में स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लक्ष्य दंपत्तियों को उपलब्ध करवाये जाने वाले जन्म अंतराल के अस्थाई एवं स्थाई साधनों के बारे में जानकारी दी गई।
    स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.गोहिया द्वारा प्रसव के तुरंत पश्चात पीपीआईयूसीडी लगाने तथा गर्भावस्था से ही हितग्राहियों को परिवार कल्याण के अस्थाई एवं स्थाई साधनों के बारे में जानकारी देकर प्रेरित करने हेतु बताया गया।
    डॉ. कृष्णा मौसिक द्वारा बताया गया कि जनसंख्या स्थिरता सिर्फ एक शब्द नहीं है बल्कि बहुत बडी जिम्मेदारी है। अत: स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रिय भागीदारी के साथ लक्ष्य दंपत्तियों को प्रेरित किया जाना है ताकि जन समुदाय पूर्ण विश्वास के साथ परिवार कल्याण कार्यक्रम में आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके।
    जिला मीडिया अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर द्वारा जनसंख्या स्थिरता माह अभियान की टैग लाइन ‘‘आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी’’ के बारे में जानकारी दी गई।
    जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. विनोद शाक्य द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को घर घर जाकर सीमित परिवार हेतु विभिन्न साधनों के उपयोग हेतु लक्ष्य दंपत्ति को परामर्श देने हेतु कहा गया। कार्यक्रम को जिला मलेरिया अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह राजपूत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. विनोद शाक्य, डीसीएम श्री कमलेश मसीह द्वारा भी संबोधित किया गया।

 
(29 days ago)
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