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सभी अधिकारी, कर्मचारी आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी से दायित्व निर्वहन करें-कलेक्टर
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ एवं देवेन्द्रनगर का आकस्मिक निरीक्षण
पन्ना | 26-जुलाई-2020
    जिले में कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्थापित फीवर क्लीनिक का कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने दोनों स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगरपालिका आदि के अधिकारियों, कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी, कर्मचारी आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करें। आगामी आने वाले समय में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ सकती है इसलिए अभी से पूरी तैयारी कर ली जाए।
    उन्होंने फीवर क्लीनिक का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि फीवर क्लीनिक से संबंधित मरीज की सम्पूर्ण जांच एवं उपचार यही उपलब्ध कराया जाए। इनमें कोई भी कोरोना संभावित लक्षण वाला मरीज है तो उसका सैम्पल लेने के साथ उसे कोविड केयर सेंटर में आईसोलेट किया जाए। फीवर क्लीनिक में आने वाले मरीजों की पंजी पृथक से संधारित की जाए एवं सार्थक एप पर पृथक से दर्ज किया जाए। फीवर क्लीनिक एवं स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले मरीजों का आवागमन संबंधी मार्ग पृथक-पृथक रखें। फीवर क्लीनिक के लिए नियुक्त डॉक्टर एवं स्टाफ कार्यालयीन समय में क्लीनिक में ही उपलब्ध रहें।
    उन्होंने बैठक के दौरान उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आगामी आने वाले समय में कोरोना संभावितों की संख्या बढ सकती है। क्षेत्र में भ्रमण करने वाली चलित चिकित्सा इकाई तथा आरआरटी क्षेत्र में पाए जाने वाले कोरोना संबंधित व्यक्तियों का सैम्पल लें। सैम्पल लेने के बाद संबंधित व्यक्ति को होम क्वारेंटाइन अथवा कोरोना केयर सेंटर में तब तक रखा जाए जब तक की उसके सैम्पल की जांच रिपोर्ट प्राप्त नही हो जाती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पॉजिटिव व्यक्ति को कोविड केयर सेंटर में ही रखा जाए। शेष सामान्य व्यक्तियों को घर पर 7 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन किया जाए। वहीं जिस बस्ती से पॉजिटिव व्यक्ति पाया जाता है उस क्षेत्र को कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित करने के साथ पॉजिटिव व्यक्ति के सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों के सैम्पल लिए जाए। उन्हें उनके घरों में ही होम क्वारेंटाइन किया जाए। यदि लोगों को होम क्वारेंटाइन किया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आशा, एएनएम, आंगनवाडी कार्यकर्ता को दी जाए। जिससे उन पर नजर रखी जा सके। जिन व्यक्तियों को कोरोना संभावित चिन्हित किया जाता है उनमें अधिक खतरे वाले एवं कम खतरे वाली श्रेणी में वर्गीकृत करने की व्यवस्था करें। इनमें उन व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाए जो पूर्व से बीमार हैं, बुजुर्ग हैं, गर्भवती हैं इन्हें 7 दिन के लिए होम आईसोलेशन में रखा जाए।
    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों की जिले से बाहर आने जाने एवं किसी भी रेड जोन से पिछले 7 दिनों में आए हैं उन पर निगरानी रखने के साथ सैम्पल भी लिए जाएं। उन्होंने चलित चिकित्सा इकाई एवं आरआरटी को निर्देश दिए कि प्रत्येक सप्ताह 4 दिन ग्रामीण अंचलों में दो दिवस नगरीय क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर सैम्पल लिए जाएं। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन नगरीय क्षेत्रों एवं बडे ग्रामों में सैम्पल लेने की कार्यवाही की जाए। इनमें किसी एक व्यवसाय से संबंधित 5 व्यक्तियों के सैम्पल शुक्रवार को लिए जाएं। जिससे दुकानदार को परेशानी न हो। क्योंकि शनिवार एवं रविवार को लॉकडाउन रहने के कारण बाजार बंद रहेगा। उन्होंने सैम्पल लेने एवं सैम्पलों को परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेजने के संबंध में निर्देश दिए कि आगामी समय में ग्रामीण क्षेत्र में भी सैम्पल लिए जाएं। सैम्पल लेने के उपरांत सैम्पल की सही ढंग से पैकिंग करने के बाद शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं जिससे सैम्पलों को निर्धारित समय सीमा में लैब भेजने एवं परिणाम प्राप्त करने में सुविधा हो। उन्होंने निर्देश दिए कि चलित चिकित्सा इकाई एवं आरआरटी एक ही आईडी से सार्थक एप में आंकडे दर्ज कराएंगे। फीवर क्लीनिक संबंधी सभी जानकारियां अलग से सार्थक एप में दर्ज कराई जाएगी।
    उन्होंने देवेन्द्रनगर विद्यालय में स्थापित कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर की साफ सफाई के लिए एक सफाई कामगार यहां रखा जाए। सेंटर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। यहां आने वाले व्यक्तियों के चाय नाश्ता, भोजन आदि की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ बिस्तार उपलब्ध कराए जाएं। परिसर एवं भवन को सेनेटाइज करने की व्यवस्था की जाए।
 
(57 days ago)
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