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आत्मनिर्भर हुई रेखा कुशवाहा आय बढ़ने से परिवार के लिए पक्का मकान बनाना हुआ संभव "सफलता की कहानी"
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नरसिंहपुर | 28-जुलाई-2020
    जिले के चीचली विकासखंड के ग्राम ढाना की रेखा कुशवाहा ने यह साबित किया है कि निरंतर कार्य करते रहने से सफलता अवश्य मिलती है। रेखा का परिवार पहले कृषि से होने वाली अत्यंत कम आमदनी से गुजारा करता था। अब आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद वे आत्मनिर्भर हो गई हैं। अब रेखा को हर महिने 15 से 17 हजार रूपये तक की आमदनी होने लगी है। रेखा कुशवाहा ने अपनी आय से एक पक्का मकान भी बना लिया है और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।
         पहले रेखा कुशवाहा के पास रहने के लिए कच्चा मकान था और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करना पड़ता था। उनकी आमदनी भी मामूली थी। रेखा राधाकृष्ण स्वसहायता समूह से जुड़ी और सबसे पहले एक हजार रूपये का ऋण लेकर परंपरागत खेती में लगाया। फिर सामुदायिक निवेश निधि से 10 हजार रूपये का लोन लेकर आधुनिक सिलाई और इंटरलॉक मशीन खरीदकर सिलाई सेंटर की स्थापना की। इससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी हुई। तत्पश्चात रेखा ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्राप्त कर कपड़े की दुकान खोली। इसके बाद रेखा अपने स्वसहायता समूह की उचित मूल्य दुकान का भी संचालन करने लगी। उनके समूह को बैंक लिंकेज से एक लाख 20 हजार रूपये प्राप्त हुये। इससे रेखा ने अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए 20 हजार रूपये का लोन और लिया। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से अब रेखा कुशवाहा की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो गई है। रेखा ने आजीविका के एक से अधिक स्थायी साधन बना लिये हैं। अब रेखा कुशवाहा पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं।
         रेखा कहती हैं कि यदि वे आजीविका मिशन से नहीं जुड़ती, तो इतनी उन्नति नहीं कर पाती। शासन की योजनाओं ने भी उन्हें आगे बढ़कर प्रगति करने में बहुत मदद की है। उनका परिवार अब बहुत प्रसन्न है। वे आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार प्रकट करती हैं।
 
(56 days ago)
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