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कोविड केयर सेंटर में आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित
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छतरपुर | 02-अगस्त-2020
 
    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शीलेन्द्र सिंह ने महोबा रोड स्थित कोविड केयर सेंटर में 3 पालियों में आयुष चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की है।
    सेंटर में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयुष चिकित्सा अधिकारी डा. अनम सिद्दकी (9654457178), दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. महेन्द्र सिंह (7389199858) और रात्रि 8 बजे से सुबह 8 बजे तक डा. आदर्श द्विवेदी (7697760285) की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि रिजर्व दल इंचार्ज के रूप में डा. महर्षि ओझा (7000125360) को शामिल किया गया है। सीएमएचओ को चिकित्सकों के साप्ताहिक अवकाश और संेंटर में स्टॉफ नर्स की ड्यूटी के लिए निर्देशित किया गया है।
लापरवाही पर रजिस्ट्रेशन निरस्त होगा
    चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा 27 के तहत प्रोफेशनल एण्ड इथिकल मिसकण्डक्ट की श्रेणी में मानकर जिला प्रशासन द्वारा रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण, एफआईआर और प्रैक्टिस से प्रतिबंध की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने इस संबंध में जारी आदेश में उल्लेखित किया है कि कोविड-19 की विपत्ति के दरम्यान शहर के नागरिकों को चिकित्सा सेवाओं की अत्यंत जरूरत है। प्रशासन द्वारा अस्पताल प्रबंधन को चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए पीपीई किट नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।
    सेंटर में ड्यूटी के लिए संबंधित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ को कर्त्तव्य पर तत्काल उपस्थित होने, इस संबंध में जारी आदेश, दूरभाष और व्हाट्स एप के माध्यम से जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यकता होने पर सिविल सर्जन के निर्देशानुसार फीवर क्लीनिक और आकस्मिक इमरजेंसी कार्य भी सम्पादित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
    उल्लेखनीय है कि गृह विभाग द्वारा अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 की धारा 4 के तहत सभी शासकीय और निजी चिकित्सा संस्थानों की सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरी सेवाओं में लेते हुए इससे संबंधित कार्य से इंकार किए जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह आपदा मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धारा 65 के तहत जिला दण्डाधिकारी सह जिला आपदा कमेटी के अध्यक्ष को सभी प्रकार के चिकित्सा संसाधन, सेवाओं और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निर्देश देने का अधिकार है। इसी क्रम में जिला दण्डाधिकारी द्वारा सभी वैधानिक प्रावधानों और शासन की अधिसूचना के तहत मरीजों को सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
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