समाचार
|| मैं अपने प्रदेश को सुपोषित प्रदेश बनाने के लिये प्रतिबद्ध हूँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान || जिले के पांढुर्णा नगर के 2 वार्डो का निर्धारित क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया घोषित || संयुक्त कलेक्टर श्री वैद्य को राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी अमरवाड़ा का प्रभार || छिन्दवाड़ा नगर के 6 वार्डो का निर्धारित क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया घोषित || नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) मीडिया बुलेटिन || राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न || आज प्राप्त 173 रिपोर्ट में से 24 में संक्रमण की पुष्टि || कोतमा अनुभाग अंतर्गत समस्त नगरीय निकायों एवं नपा पसान में लगाया गया लॉकडाउन आदेश निरस्त || गुल्लक के पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है माही की भावना || अनुसूचित जाति एवं जनजाति पीड़ितों को राहत जल्द मिले
अन्य ख़बरें
संभागायुक्त श्री चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ आपदा संबंधी विषयों पर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक संपन्न
-
छिन्दवाड़ा | 05-सितम्बर-2020
    जबलपुर के संभागायुक्त श्री महेश चंद्र चौधरी की अध्यक्षता में आज जिले के चौरई विकासखंड मुख्यालय पर जनपद पंचायत के सभाकक्ष में बाढ़ आपदा संबंधी विषयों पर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक संपन्न हुई । बैठक में क्षेत्रीय विधायक श्री सुजीत चौधरी, पूर्व विधायक श्री पं.रमेश दुबे, श्री शैलेन्द्र रघुवंशी और ग्रामवासियों के साथ ही संयुक्त आयुक्त श्री अरविंद यादव, कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह नागेश, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती रानी बाटोड़, एस.डी.एम. श्री सी.पी.पटेल, तहसीलदार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
      संभागायुक्त श्री चौधरी ने कहा कि विकासखंड चौरई के ग्रामों में बाढ़ आपदा से काफी लोग प्रभावित हुये है तथा प्रभावित ग्रामवासियों को शासन से हरसंभव सहायता प्रदान की जायेगी । उन्होंने कहा कि सभी ग्रामवासियों के लिये ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर नया आवास बनाना आवश्यक जिससे भविष्य में बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना नहीं रहे और निचले क्षेत्र में मकान बनाने से हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से छुटकारा मिल सके । इस कार्य में सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। सभी जनप्रतिनिधि बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों से चर्चा करें और उनकी सहमति से उँचे व सुरक्षित स्थल पर आवास निर्माण के लिये स्थल चिन्हित करें जिससे मकान का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके । उन्होंने कहा कि सर्वे के कार्य में बहुत सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता है जिससे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सर्वे हो सके और सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को मकान, पशु व फसल हानि के लिये पर्याप्त राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता इस क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित 500 से अधिक परिवारों के नये मकान का निर्माण किये जाने की है, किंतु इस कार्य में ग्रामवासियों की मानसिक संतुष्टि अत्यंत आवश्यक है जिससे उनका सही स्थल पर पुनर्वास हो सके और पुनवार्सित स्थल पर सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराई जा सके । उन्होंने चौरई नगर में पेयजल व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की जिसमें बताया गया कि 4 सितंबर से चौरई नगर में पेयजल की सुचारू रूप से आपूर्ति प्रारंभ हो गई है । बैठक में क्षेत्रीय विधायक श्री चौधरी, पूर्व विधायक श्री पं. दुबे और श्री रघुवंशी ने बाढ़ से प्रभावित ग्रामवासियों और ग्राम में उत्पन्न अन्य समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिये कहा जिस पर संभागीय कमिश्नर श्री चौधरी ने सभी समस्याओं का शीघ्र ही निराकरण किये जाने के लिये कहा ।   
        बैठक में कलेक्टर श्री सुमन ने बताया कि चौरई विकासखंड में जहां लगभग 500 से अधिक परिवारों के मकान पूर्णत: क्षतिग्रस्त हुये हैं, वहीं एक व्यक्ति की मृत्यु, पशु हानि और फसल हानि भी हुई है । बाढ़ से मृतक के वारिसों को राहत राशि प्रदान कर दी गई है । क्षतिग्रस्त मकानों और पशु हानि के प्रकरण तैयार कर लिये गये है और कोषालय में बिल लगाने का कार्य जारी है । फसल हानि का सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा प्रत्येक स्थल का निष्पक्षता के साथ सर्वे कर सूची तैयार की जायेगी । इस सर्वे सूची का संबंधित ग्राम में जाकर वाचन किया जायेगा तथा ग्रामवासियों को यदि लगता है कि सर्वे सूची में उनकी फसल की क्षति का सही आकलन नहीं किया गया है तो वे अपने लिखित दावे/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है जिनका निराकरण राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जायेगा । उन्होंने बताया कि जिन ग्रामवासियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आई.डी. और अन्य दस्तावेज बाढ़ के पानी से गीले होकर खराब हो गये है या बाढ़ के पानी में बह गये है तो ऐसे सभी दस्तावेजों को फिर से बनाने की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है जिससे इन दस्तावेजों का लाभ ग्रामवासियों को मिलता रहे । उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित जितने भी व्यक्ति बेघर हुये हैं, उन सभी को अस्थाई राहत केन्द्रों में रखा गया है तथा उन्हें दैनिक उपयोग की सभी सामग्री उपलब्ध करा दी गई है । उनकी अन्य बुनियादी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जा रहा है तथा जिला पंचायत के सहयोग से ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर ले-आउट डालकर उनके आवास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है । आवास निर्माण के कार्य में लगभग 3 माह का समय लगेगा, तब तक अस्थाई राहत केन्द्रों में उन्हें आवश्यक सामग्री और सुविधायें उपलब्ध कराई जाती रहेंगी । उन्होंने बताया कि अस्थाई राहत केन्द्रों में निवास कर रहे जिन ग्रामवासियों के पास खाली रसोई गैस सिलेण्डर है, उन्हें तत्काल रसोई गैस सिलेण्डर भरवाकर दिये जायेंगे ।       

 
(13 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2020अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
31123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
2829301234
567891011

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer