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कोविड-19 नियंत्रण हेतु व्यक्तियों पर रोगाणु नाशक दवाओं का छिड़काव ना करें
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इन्दौर | 06-अक्तूबर-2020
            रोगाणु नाशक रासायनिक द्रव्य होते हैं, जो रोग उत्पन्न करने वाले किटाणु एवं अन्य हानिकारक सुक्ष्म विषाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। तीव्र रासायनिक गुण को दृष्टिगत रखते हुए इन द्रव्यों/रसायनों का प्रयोग निर्जीव वस्तुओं के भी विसंक्रमण हेतु ही किया जाता है। रासायनिक रोगाणुनाशकों का उपयोग केवल उन जगहों/सतहों के लिए करने की अनुशंसा है, जिनका बार-बार स्पर्श किया जाता हो एवं जिन का संपर्क अथवा उपयोग कोविड-19 के संदिग्ध अथवा पुष्ट रोगियों द्वारा किया गया हो। रासायनिक रोगाणुनाशक का छिड़काव करते समय हमेशा दस्तानों का उपयोग किया जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में व्यक्तियों अथवा समूह पर रोगाणुनाशक दवाइयों का छिड़काव अनुशंसित नहीं है। ऐसे रासायनिक द्रव्यों का छिड़काव के दौरान किसी व्यक्ति अथवा समूह से शारीरिक संपर्क होने पर शारीरिक तथा मनोवैज्ञानिक क्षति हो सकती है।

      कोविड-19 के संदिग्ध अथवा पॉजिटिव व्यक्तियों के बाहरी त्वचा पर रोगाणुनाशक छिड़काव करने का कोई लाभ नहीं होता है क्योंकि शरीर में प्रवेश कर चुके वायरस पर इन द्रव्यों पर कोई प्रभाव नहीं होता है। इसके अलावा इस बात का भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है की इनके छिड़काव से बाहरी कपड़ों/शरीर के कीटाणु नष्ट होते हैं।

      क्लोरीन के छिड़काव के दौरान संपर्क में आने से आंखों अथवा त्वचा में जलन हो सकती है। साथ ही पाचन प्रणाली पर दुष्प्रभाव होने के कारण उबके-उल्टियां हो सकती हैं। सोडियम हाईपोक्लाराइट रसायन के अतः श्वसन से नाक, गला एवं श्वसन तंत्रों में जलन हो सकती है तथा श्वसन तंत्र का संकुचन भी संभावित हो सकता है। रोगाणुनाशक के शरीर पर छिड़काव की प्रक्रिया से एक ओर जहां व्यक्ति में सुरक्षा की झूठी भावना उत्पन्न होती है, वहीं दूसरी ओर कोविड-19 के नियंत्रण हेतु कारगर उपाय जैसे हाथ धोना और सामाजिक दूरी संबंधित प्रोटोकाल का शिथिलता से पालन होना आशंकित है।
 
(14 days ago)
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