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सीएम हेल्पलाईन में लंबित समस्त शिकायतें अभियान चलाकर एक सप्ताह में निराकृत कराएं
राजस्व न्यायालयों के ऐसे प्रकरण जो 2 से 5 वर्ष तक के लंबित हैं, उन प्रकरणों को शीघ्र सुनवाई कर प्राथमिकता से निराकृत कराएं, आगामी त्योहारों के दौरान गृह विभाग के दिशा निर्देश एवं शान्ति समिति की बैठक में लिये गये निर्देशों का पालन किया जाये, राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिये निर्देश
निवाड़ी | 17-अक्तूबर-2020
 
     कलेक्टर श्री आशीष भार्गव की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय निवाड़ी के सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर एडीएम श्री एसके अहिरवार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निवाड़ी सुश्री वंदना राजपूत, पृथ्वीपुर श्री तरूण जैन, डिप्टी कलेक्टर श्री केएस गौतम, सुश्री मेघा तिवारी, तहसीलदार निवाड़ी, ओरछा एवं पृथ्वीपुर, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    बैठक में कलेक्टर श्री भार्गव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाईन में लंबित समस्त शिकायतें अभियान चलाकर एक सप्ताह में निराकृत कराएं। तहसील स्तर पर प्रत्येक सप्ताह पटवारियों की मीटिंग ली जाये। मीटिंग में ही पटवारियों को हल्का से सम्बंधित सी.एम. हेल्पलाईन की लंबित शिकायतों का 20 प्रतिशत निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करें। समस्त अधिकारी 100 दिवस से पुरानी लंबित शिकायतें स्वयं देखें एवं निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना सुनिचित करें। कोई भी शिकायत बिना देखे (नॉन अटेंडेंट) अगले स्तर पर नहीं जाए इसका भी ध्यान रखा जाये। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार राजस्व, नामान्तरण, बंटवारा, खसरा खतौनी आदि से सम्बंधित 10 प्रतिशत शिकायतें स्वयं खोलकर देखेंगें एवं आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक से 100 दिवस, 300 दिवस, नॉन अटेंडेंट शिकायतें एवं गत आरओ बैठक से चालू आरओ बैठक तक शिकायतों के निराकरण का अलग से पत्रक तैयार किया जाये। साथ ही सी.एम. हेल्पलाईन से सम्बंधित शिकायतों के निराकरण का प्रति दिवस/मदवार प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार कर शेयर किया जाये।
    श्री भार्गव ने निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालय के ऐसे प्रकरण जो 2 से 5 वर्ष तक के लंबित हैं उन प्रकरणों को शीघ्र सुनवाई कर प्राथमिकता से निराकृत कराएँ। राजस्व न्यायालय में पुराने लंबित प्रकरणों पर शीघ्र सुनवाई करें। आगामी माह तक समस्त राजस्व न्यायालयों में कुल दर्ज प्रकरणों के 70 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य सुनश्चित किया जाये। आगामी बैठक से पत्रक में स्व निर्धारण लक्ष्य एवं लक्ष्य के प्रति निराकरण को भी सम्मिलित किया जाये। कलेक्टर भार्गव द्वारा प्रति माह दो न्यायालयों का निरीक्षण किया जायेगा, इसी तरह अपर कलेक्टर द्वारा एवं एसडीएम द्वारा पृथक से एक-एक न्यायालय का प्रति माह निरीक्षण किया जाये। उन्होंने कहा कि तरमीम किया जाना सुनिश्चित करें। शासकीय भूमि की सुरक्षा राजस्व अधिकारीयों/कर्मचारियों की जिम्मेदारी है, शामकीय शूमि पर अतिक्रमण से सम्बंधित शिकायतों का शीघ्र कठोर कार्यवाही कर निराकरण करें एवं आगामी बैठक से एसडीएम द्वारा दर्ज/चयन किये गए तीन प्रकरण (एक निराकृत एवं दो लाबित) प्रति तहसील के मान से कुल 9 प्रकरण साथ लायें, जिनकी बैठक में समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में तरमीम के लंबित प्रकरणों का वर्तमान में निराकरण 15 प्रतिशत है। आगामी बैठक हेतु समस्त राजस्व अधिकारियों को कुल लंबित प्रकरणों का 40 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी बैठक से एसडीएम द्वारा नामान्तरण के रैंडमली चयन किये गए दो प्रकरण ( एक निराकृत एवं एक लंबित) प्रत्येक तहसील के मान से बैठक में लाये जायेंगे, जिनकी समीक्षा बैठक में की जायेगी। राजस्व न्यायालयों में नामान्तरण के लंबित प्रकरणों का वर्तमान में निराकरण 49 प्रतिशत है, आगामी बैठक हेतु समस्त राजस्व अधिकारियों को कुल लंबित प्रकरणों का 60 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है।
    कलेक्टर श्री भार्गव ने निर्देशित किया कि सूचना देने के बाद ही सीमांकन किया जाये, साथ ही सीमांकन की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी की जाये। राजस्व न्यायालयों में सीमांकन के लंबित प्रकरणों का वर्तमान में निराकरण 54 प्रतिशत है, आगामी बैठक हेतु समस्त राजस्व अधिकारियों को कुल लंबित प्रकरणों का 70 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि कि आगामी बैठक से एसडीएम द्वारा सीमांकन के रैंडमली चयन किये गए दो प्रकरण ( एक निराकृत एवं एक लंबित) प्रत्येक तहसील के मान से बैठक में लाये जायेंगे जिनकी समीक्षा बैठक में की जावेगी। साथ ही आगामी बैठक में बंटबारा के रैंडमली चयन किये गए 2 प्रकरण लाये जायेंगे, जिनकी समीक्षा बैठक में की जायेगी। राजस्व न्यायालयों में सीमांकन के लंबित प्रकरणों का वर्तमान में निराकरण 25 प्रतिशत है, जिनके लिये समस्त राजस्व अधिकारियों को कुल लंबित प्रकरणों का 60 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। न्यायालयों में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की रिपोर्ट नहीं आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाये, कार्यालय में संलग्न कर रखा जाये तथा अगली बैठक से रीडर को मेटिंग में बुलाया जाये जिससे रीडर से फाईल नहीं आने के कारण पता किया जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में एक वर्ष से अधिक समय के प्रकरण रिपोर्ट/रिकार्ड के कारण लंबित नहीं रहें।  
    श्री भार्गव ने कहा कि आगामी बैठक हेतू समस्त राजस्व अधिकारियों को कुल लंबित वसूली प्रकरणों का 40 प्रतिशत वसूली का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। पटवारी के क्षेत्र में एवं कार्यालय में बैठने के दिन निश्चित किये जाएँ। उन्होंने कहा कि पटवारियों से डायवर्सन के प्रकरण लिए जायें एवं हल्कावार सूची तैयार की जाये। सूची में सबसे नीचे रहने वाले पटवारी को एक माह तक कार्यालय में संलग्न कर कार्यालय का कार्य कराया जाये। डायवर्सन की वसूली आगामी बैठक हेतु 70 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य निर्धारित किए गया है। नगरीय क्षेत्र के पटवारी हल्कों की सूची तैयार कर, नगरीय क्षेत्र में पटवारी शत-प्रतिशत डायवर्सन के प्रकरण तैयार करें, इस संबंध में पटवारी से प्रमाण पत्र लिया जायें। नगरीय क्षेत्र के डायवर्सन देने वालों एवं नहीं देने वालों, जिनका डायवर्सन है अथवा नहीं है से सम्बंधित समस्त जानकारी पटवारी तैयार कर आगामी बैठक से पूर्व प्रस्तुत करेंगे। नगरीय क्षेत्र में साथ ही जो डायवर्सन है उनमें डायवर्सन आवासीय है अथवा व्यावसायिक एवं वर्तमान में उसका उपयोग क्या है की सूची तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि गिरदावरी में गलत फसल की मैपिंग से सम्बंधित शिकायतें प्राप्त हो रही है, मड़िया, आदि में धान सम्बंधित मैपिंग शून्य है जबकि क्षेत्र में धान की बाई की गई है। अतः भविष्य में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग का संयुक्त दल गिरदावरी करेंगे एवं संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र देंगें। शहरी पटवारी हल्कों में व्यवर्तन की जांच किये जाने हेतु दिन निर्धारित किये जायें। पटवारी हल्के में पट्टों के विक्रय की जानकारी तैयार करेंगे। पटवारी हल्के में शासकीय आवंटन दर्ज होने हेतु कोइ भी प्रकरण लंबित नहीं है इसका प्रमाण पत्र समस्त पटवारियों से लिया जाये। माह में एक बार कैम्प लगाकर फौती का नामान्तरण किया जाये।
    श्री भार्गव ने कहा कि जिले में लगभग 3 प्रतिशत किसान योजना में रजिस्ट्रेशन शेष है, तहसीलदार/ नायब तहसीलदार इसकी मोनीटरिंग करेंगे एवं शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन किया जाना सुनिश्चित करेंगें। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान गृह विभाग के दिशा निर्देश एवं शान्ति समिति की बैठक में लिये गये निर्देशों का पालन किया जाये। दुर्गा पूजा पर जिन स्थलों पर पूर्व से मूर्ति रखी जा रही है, नवीन स्थल पर मूर्ति रखे जाने की अनुमति नहीं दी जाये। दीपावली हेतु पटाखों, आतिशबाजी आदि हेतु बाजार से अलग स्थल का निरीक्षण कर दुकानों हेतु स्थल का चयन/निर्धारित करें। दुकान के बाहर कार्यालय से प्राप्त अनुमति चस्पा करना अनिवार्य रहेगी। बाजार में किसी भी दुकान पर पटाखों, आतिशबाजी से सम्बंधित सामग्री का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    श्री भार्गव ने अन्य शिकायतों के संबंध में निर्देशित किया कि ओरछा में भूमि से सम्बंधित लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण हेतु अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाये। कमेटी में एसडीएम निवाड़ी, तहसीलदार ओरछा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओरछा सहित सम्बंधित सर्किल राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी को रखा जाए। उन्होंने कहा कि ई-कुसुम योजना अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी कृषि एवं वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी निवाड़ी योजनांतर्गत शासन के निर्देशानुसार कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में लंबित एवं लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के निराकरण हेतु जिला स्तरीय, खंड स्तरीय एवं विभाग स्तरीय दल का गठन किया जाये। जिसमें प्रमुख रूप से शासकीय उचित मूल्य की दुकान, माइनिंग, पेट्रोल पम्प, सहकारी समितियां, शासकीय/ प्राईवेट स्कूल, कोचिंग सेंटर, मध्यान भोजन वितरण, निर्माण कार्य, वेयरहाउसिंग (जब सक्रिय हों), प्राइवेट होटल्स, लॉज, खाद्य सुरक्षा, नापतौल, पटाखे निर्माण एवं विक्रय सहित अन्य शिकायतों का निराकरण किया जाये। बैठक के समापन में सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 संबंधित सुरक्षा नियमों का पालन करें एवं जिले के विकास में सहयोग करें।
(48 days ago)
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