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खेतों में नरवई जलाना दण्डनीय है, मुनादी करायें - कलेक्टर
जिलास्तरीय अवशेष प्रबंधन समिति की बैठक
कटनी | 19-अक्तूबर-2020
   कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कहा कि खेतों में फसल की नरवई जलाने से मृदा शक्ति का क्षरण होता है और इससे गांवों में अग्नि दुर्घटना की स्थिति बनकर जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। सरकार ने नरवई से आग लगने की घटनाओं को रोकने नरवई जलाने पर दण्ड अधिरोपित करने के प्रावधान भी किये हैं। जिलास्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गांव-गांव मुनादी कर किसानों के बीच जागरुकता लाई जाये। सोमवार को तत्संबंधी बैठक में सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, एसडीएम बलबीर रमन, उप संचालक कृषि ए.के. राठौर, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0पी0एस0 गहरवार, परियोजना अधिकारी उद्यानिकी सूर्यभान सिंह, तहसीलदार मुनौव्वर खान, संदीप श्रीवास्तव एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।
   कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नरवई जलाने से होने वाले प्रदूषण और अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के प्रभावी प्रयासों के तहत धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कराकर गांव-गांव में किसानों को जागरुक करें। वरिष्ठतम न्यायालयों के आदेशों और राज्य शासन के इस संबंध में जारी निर्देशों के अनुसार नरवई को खेतों में जलाने पर प्रतिबंध के साथ ही कठोर प्रावधान भी किये गये हैं। तहसीलदारों को अर्थदण्ड अधिरोपित करने के अधिकार भी दिये गये हैं। इसके साथ ही कम्बाईन हारवेस्टर से फसल की कटाई पर स्ट्रारीपर की अनिवार्यता भी की गई है। उप संचालक कृषि एवं कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी परिवहन विभाग एवं राजस्व अधिकारियों से समन्वय कर नियम निर्देशों का पालन करायें।
   उप संचालक कृषि ए.के.राठौर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में फसल की नरवई में आग लगाने से पशु हानि, जन हानि की घटनायें भी बहुधा होती हैं। भारत सरकार द्वारा नरवई में आग लगने की घटनाओं की निगरानी सैटेलाईट के माध्यम से सतत् रुप से की जाती है। मध्यप्रदेश में गत एक वर्ष में 43198 नरवई में आग लगाने की घटनायें दर्ज हुई हैं। जिसमें कटनी जिले में मई 19 में रबी फसलों में 63, खरीफ 19 में 80 और रबी 20 मौसम में मई 20 में 104 मिलाकर कुल 247 नरवई में आग लगाने की घटनायें दर्ज हुई हैं। समिति के सदस्य कृषि यंत्री आर0के0 राणा ने बताया कि सरकार की योजनाओं में नरवई को खेतों में नष्ट करने और भूसा बनाने की स्ट्रारीपर जैसी मशीनों पर अनुदान सहायता भी मिलती है। फसलों की कटाई के समय पंजाब हरियाणा से आने वाले कम्बाईन हारवेस्टर अथवा स्थानीय हारवेस्टर संचालकों को स्ट्रारीपर के साथ फसल कटाई कार्य को प्रोत्साहित किया जाये।
(46 days ago)
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