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एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड योजना से किसान भी बन सकेंगे उद्यमी
उद्यानिकी विभाग में जिले को 16 इकाईयों का लक्ष्य
कटनी | 21-अक्तूबर-2020
 
     आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत किसानों को आधुनिक कृषि के तौर तरीके, संसाधन उपलब्ध कराने और फसलों के वेल्यू एडीशन के लिये एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों, विपणन सहकारी समिति किसान उत्पादक संगठनों, स्वसहायता समूहों, किसान संयुक्त देयता समूहों, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअप केन्द्रीय राज्य स्थानीय निकाय द्वारा प्रायोजित सार्वजनिक, निजी भागीदारी परियोजनाओं को एक लाख करोड़ के ऋण प्रदान किये जायेंगे। यह योजना 2020-21 से 2029-30 तक लागू रहेगी। लेकिन ऋण का संवितरण 4 वर्षों में होगा। जिससे प्रथम वर्ष 10 हजार करोड़ एवं आगामी 3 वर्षों में 30 हजार करोड़ रुपये किया जायेगा।
   नाबार्ड के जिला प्रबंधक एम. धनेश ने बताया कि योजना में वित्तपोषण सुविधा के तहत सभी ऋणों पर 2 करोड़ तक की सीमा तक 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज छूट प्रदान की जायेगी। जो अधिकतम 7 वर्षों के लिये उपलब्ध रहेगी। दो करोड़ से अधिक के ऋण मामले में ब्याज में छूट 2 करोड़ तक ही सीमित रहेगी।
   एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड के तहत पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेन्ट प्रोजेक्ट जैसे ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म सहित आपूर्ति श्रंखला सेवायें, गोदाम (भण्डार गृह), साईलो, पैक हाउस, परीक्षण प्रयोगशालायें, छंटाई और ग्रेडिंग की इकाईयां, वातानुकूल परिवहन वाहन एवं छोटे शीट गृह, सामग्री परिवहन वाहन लॉजिस्टिक, ब्रेवरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण फण्ड, सामुदायिक कृषि परिसम्पत्तियों के निर्माण की व्यवहारिक परियोजनायें, जैविक आदानों का उत्पादन, जैव उद्दीपक उत्पादन इकाईयां, स्मार्ट और शुद्ध कृषि के लिये बुनियादी ढ़ाचों के कार्य भी योजना के तहत किये जा सकेंगे।
   परियोजना अधिकारी उद्यानिकी सूर्यभान सिंह ने बताया कि प्रदेश में आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत माईक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमियों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिये प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कटनी जिले में एक उत्पाद एक जिला के तहत उद्यानिकी में टमाटर और कृषि में धान की फसल का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले को चालू वित्तीय वर्ष में 16 इकाईयों का लक्ष्य मिला है। जिसमें 4 लाख रुपये प्रति इकाई लागत के 6 पैक हाउस, 15 लाख रुपये लागत के 4 कोल्ड रुम, अधिकतम 5 हजार एमटी क्षमता के 1 कोल्ड स्टोरेज, 15 लाख लागत प्रत्येक की 4 सॉर्टिंग एण्ड ग्रेडिंग यूनिट और 25 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत के मोबाईल मिनि मिल प्रोसेसिंग यूनिट का एक और राईपनिंग चैम्बर, प्याज भण्डार गृह, एफपीओ, पैक्स समितियां, मार्केटिंग सोसाईटी को लाभान्वित करने के लक्ष्य प्राप्त हुये हैं। इनमें विभाग की योजना से 35 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के इच्छुक कृषक अपने विकासखण्ड के कृषि उद्यानिकी अधिकारियों से सम्पर्क कर स्वयं ‘‘एग्री इन्फ्रा डॉट गोव डॉट इन’’ वेबसाईट पर पंजीयन करा सकते हैं।
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