समाचार
|| स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के लिये अब नियमित लगेंगे रोजगार मेले || वर्चुअल तकनीकी ‘‘एम्प्लाईबिलिटी कॉन्क्लेव 2020’’ || प्रदेश के 4 संभागीय मुख्यालयों पर आकांक्षा योजना का संचालन || कोरोना के साथ अन्य रोगों के उपचार में भी गंभीरता बरतें - मुख्यमंत्री श्री चौहान || समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम अब आठ को || नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत महिला वार्डों के पुनः आरक्षण की प्रक्रिया 1 दिसम्बर को || कलेक्टर श्री सिंह ने किया करैरा का भ्रमण, खरीदी और विभिन्न निर्माण कार्यों का लिया जायजा || जबलपुर जीतेगा - कोरोना हारेगा, वृद्धजन सुरक्षा अभियान || नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 दिसम्बर को || टाइफाइड से बचाव ’दूषित पानी या संक्रमित भोज्य पदार्थ का उपयोग करने से बचें’
अन्य ख़बरें
भूमिहीन संतोष को वनाधिकार पत्र ने बनाया भू-स्वामी (सफलता की कहानी )
-
रीवा | 08-नवम्बर-2020
हर व्यक्ति अपने तथा अपने परिवार के लिए थोड़ी सी भूमि और छोटे से घर की सुविधा चाहता है। बरसों से वन भूमि पर खेती करके अपनी आजीविका चला रहे लाखों गरीब तथा भूमिहीन अनुसूचित जनजाति परिवारों को वनाधिकार अधिनियम ने भूमि का स्वामी बना दिया है। ऐसे ही भूमिहीन से भू-स्वामी बने हितग्राही रीवा जिले के संतोष कोल है। जो अपनी पत्नी तथा तीन बच्चों के साथ गंगेव विकासखण्ड के ग्राम सरईकला में रहते हैं। उन्हें वनाधिकार पत्र ने भूमिहीन से भू-स्वामी बना दिया है।
    संतोष कोल तथा उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से वनभूमि पर खेती कर रहा है। जमीन का छोटा सा टुकड़ा उनकी आजीविका का आधार है। उन्होंने 2008 में ग्राम सभा के माध्यम से वनाधिकार पत्र के लिए दावा दर्ज कराया था। उनके दावे के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण न मिलने से सह दावा अमान्य कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर सभी अमान्य दावों को वनमित्र पोर्टल पर दर्ज कराया गया। नवीन प्रावधानों के अनुसार संतोष के वनाधिकार दावें को मान्यता मिली अब संतोष को उस जमीन का वनाधिकार पत्र मिल गया है जिस पर वे बरसों से खेती कर रहे थे। अब पूरे हक के साथ अपने खेत की फसल बेचेंगे। 
(22 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2020जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
30123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer