समाचार
|| जिला चिकित्सालय में आई ओटी का किया गया शुभारंभ || स्वास्थ्य मंत्री डॉ.चौधरी ने देवरीगंज में पंचायत भवन का किया लोकार्पण || जिला चिकित्सालय में बाल्य रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पदस्थ || महिला बाल विकास द्वारा जिले के 312 ग्रामों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का लिया जायजा || कलेक्टर ने ग्राम तुर्री एवं धनौरा में मेडिकल टीम भेजकर अस्वस्थ्य बच्चों का कराया तत्काल उपचार || 7 दिसंबर को मनाया जाएगा सशस्त्र सेना झंडा दिवस || सोनाग्राफी, प्राईवेट वार्ड, डायलिसिस आदि के दरो में वृद्धि का लिया गया निर्णय || श्री ललित सुरजन का निधन पत्रकारिता जगत की बड़ी क्षति || मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से किसानों को मिला सम्मान- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी || कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने शोक-संवेदना व्यक्त की
अन्य ख़बरें
कृषि क्षेत्र विस्तारीकरण का लक्ष्य पूरा कर ज्यादा से ज्यादा उर्वरक व बीज के नमूने लिये जायें -संभागायुक्त
संभागायुक्त ने प्रभारी संयुक्त संचालक कृषि कोबैठक में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी किया
उज्जैन | 09-नवम्बर-2020
     उज्जैन संभागायुक्त श्री आनन्द कुमार शर्मा ने आज किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन, मत्स्य उद्योग एवं दुग्ध संघ की कार्य योजना की समीक्षा की और अब तक कार्य योजना में हुई प्रगति की जानकारी ली। संभागायुक्त ने प्रभारी संयुक्त संचालक कृषि श्री मीणा के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे कृषि क्षेत्र विस्तारीकरण का लक्ष्य हर हाल में पूरा करें। इसके लिये उन्होंने सभी कलेक्टर को पत्र जारी करने के निर्देश दिये। संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि संभाग के सभी जिलों में उर्वरक एवं बीज के ज्यादा से ज्यादा नमूने लिये जायें, ताकि नकली उर्वरक एवं बीज बेचने वालों पर पर्याप्त कार्यवाही एवं नियंत्रण रखा जा सके। बताया गया कि उर्वरक एवं डीएपी की संभाग में कोई समस्या नहीं है। गत दिवस 1200 मैट्रिक टन उर्वरक की रैक आई है। नीमच एवं मंदसौर में भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। उज्जैन में 98 कस्टम हायरिंग केन्द्र हैं, जहां पर कृषि यंत्रों की लगातार डिमांड आती रहती है। बताया गया कि संभाग में अब तक चना की लगभग 50 प्रतिशत बोवनी की जा चुकी है। संभागायुक्त श्री शर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे उर्वरक एवं डीएपी की जहां से लगातार मांग आ रही है, उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करें।
   संभागायुक्त ने दुग्ध संघ के कार्यों की भी समीक्षा की। बताया गया कि 601 नवीन किसान क्रेडिट कार्ड दुग्ध उत्पादकों के बनाये गये हैं। रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा तथा उज्जैन में नवीन सांची के पार्लर स्थापित किये गये हैं। संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि कम से कम वर्तमान सप्लाई से 10 हजार लीटर और दूध की खपत बढ़ाई जाये। इसके लिये आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, रतलाम मेडिकल कॉलेज, शासकीय मन्दिरों, वेद्यनाथ महादेव मन्दिर, जेल एवं नवीन बस्तियों एवं कॉलोनियों में इसकी खपत बढ़ाई जाये। दूध के लिये यदि अतिरिक्त डिस्कांउंट ग्राहक को देना पड़े तो दिया जाये। संभागायुक्त ने मत्स्य उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान संभागीय अधिकारी को निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि गांधी सागर डेम से निकलने वाली मछलियां स्थानीय मार्केट में भी पहुंचे। वर्तमान में मछलियां बाहर भेज दी जाती है, जिससे स्थानीय व्यक्ति वंचित रह जाते हैं। उन्होंने मछुआरों के किसान क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिये।
   संभागायुक्त ने उद्यानिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि वे अपनी शासकीय नर्सरियों के बाहर सीजनल पौधों, रंग-बिरंगे पौधों को अवश्य रखें, ताकि आने-जाने वाले लोग आकर्षित हों। जो व्यक्ति नर्सरी के अन्दर भ्रमण करना चाहता है तो उसे भ्रमण कराया जाये। बताया गया कि उज्जैन में बड़नगर एवं देवास के सोनकच्छ में नर्सरियों के बाहर सुन्दर-सुन्दर पौधों का प्रदर्शन किया जाता है, जिससे लोग आकर्षित हो रहे हैं। संभागायुक्त ने पिपलौदा नर्सरी द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की और निर्देश दिये कि सभी नर्सरियां डिस्प्ले अच्छा रखे एवं बाहर बोर्ड अनिवार्य रूप से लगायें। बताया गया कि आगर-मालवा एवं शाजापुर में सन्तरे का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है, वहीं रतलाम, शाजापुर एवं देवास में सीताफल का उत्पादन बहुतायत में होता है। संभागायुक्त ने सीताफल के उद्योग को बढ़ावा देने के निर्देश दिये और कहा कि सीताफल रबड़ी एवं आइस्क्रीम में भी इस्तेमाल होता है। युवाओं को सीताफल का उद्यान लगाने के लिये प्रेरित किया जाये। सीताफल एक नगदी फसल है, अत: सीताफल विस्तारीकरण की योजना विभाग द्वारा बनाई जाये और रिसर्च करके इसका मार्केट मजबूत किया जाये। बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत ‘एक जिला एक फसल’ के अन्तर्गत उज्जैन में प्याज, देवास में आलू, शाजापुर में प्याज, आगर में सन्तरा, नीमच में धनिया, मंदसौर एवं रतलाम में लहसुन की खेती पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जायेगा।
   संभागायुक्त ने पशुपालन विभाग के कृत्रिम गर्भधारण योजना, टीकाकरण, बधियाकरण, नन्दीशाला योजना एवं नवीन गौशालाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन गौशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उसे प्राथमिकता से संचालित किया जाये। उन्होंने बीज निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि निगम में बीज का स्टाक संग्रहित करके न रखा जाये, अपितु किसानों को मांग के अनुसार सप्लाई किया जाये।
   बैठक में उपायुक्त राजस्व श्री एसएस भंडारी, उपायुक्त विकास श्री सीएल डोडियार सहित सभी सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

 
(25 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2020जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
30123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer