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|| संभागायुक्त ने एसडीएम तथा तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण || जिले में कोविड टीकाकरण महाअभियान का शुभारंभ || सीएमएचओ और सिविल सर्जन सहित चिकित्सकों ने लगवाया टीका || नगरीय प्रशासन द्वारा निकायों के बकाया बिजली बिल के लिए 50 करोड़ का भुगतान || बिजली आपूर्ति के साथ ही राजस्व संग्रहण में लापरवाही न बरते || राज्य में किसानों के लिए 500 करोड़ के फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स लगाए जाएँगे || कलेक्टर ने एएसएलआर के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की || चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान जारी || टीकाकरण के प्रति उत्साह देखा गया दिव्यांग में भी || जिले में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु रोजगार मेला 19 जनवरी को
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आत्मनिर्भर रोडमैप की प्रमुख रणनीतियाँ
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भिण्ड | 13-नवम्बर-2020
1.  भौतिक संरचना
  • रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना।
  • 24 प्रमुख सड़कों का नवीनीकरण।
  • 200 राज्य सड़कों का वैज्ञानिक यातायात सर्वेक्षण।
  • बफर में सफर मुहिम के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा।
  • पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले सेवा प्रदाताओं का कौशल संवर्धन।
  • घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना।
  • समावेशी शहरी विकास सुनिश्चित करना।
  • पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास सुनिश्चित करना।
  • कानूनी और राजकोषीय सुधारों के माध्यम से नगरीय शासन में सुधार।
  • नगरीय सेवाओं की डिलीवरी में सुधार।
  • 100 प्रतिशत घरेलू कार्यशील नल कनेक्शन।
  • 60 सिंचाई परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया।
  • ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर का निर्माण।
  • सामग्री एवं उपकरणों की खरीदी में लोकल निर्मित सामग्री को प्राथमिकता।
  • रूफटॉप सौर ऊर्जा परियोजनाओं का कार्यान्वयन।
  • मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना।
  • इंदौर एयरपोर्ट पर पेरिशेबल गुड्स के लिये एयर-कार्गो हब की स्थापना।
2. सुशासन
  • सेवा प्रदाय के लिये एकल पोर्टल।
  • कनेक्टिविटी के बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण और आईटी कौशल का विकास।
  • इमर्जिंग प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिये उत्कृष्टता केन्द्र।
  • पारदर्शिता के साथ जवाबदेह एवं जिम्मेदार प्रशासन।
  • नागरिकों के लिये Ease of Living।
3. स्वास्थ्य एवं शिक्षा
  • व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिये 10 हजार  SHCs और 1200 PHCs को हेल्थ वेलनेस केन्द्रों में परिवर्तित करना।
  • 1600 अत्याधुनिक प्रसव केन्द्रों की स्थापना और प्रत्येक CHC पर विशेष नवजात इकाई की स्थापना।
  • आरसीएच पोर्टल के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत कव्हरेज सुनिश्चित करना।
  • 5 वर्ष से कम उम्र के 55 लाख बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण।
  • प्रत्येक जिला अस्पताल में कार्यात्मक आईसीयू वार्ड, एचडीयू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, डायग्नोस्टिक सुविधाएँ और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराना।
  • 1200 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 10 हजार उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर टेली मेडिसिन और अन्य आईसीटी उपकरणों का उपयोग करना।
  • जिला अस्पतालों में इमेजिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
  • सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण।
  • राज्य-स्तरीय अनुसंधान संगठन की स्थापना।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुँच बढ़ाने के लिये 150 नये ओपन डिस्टेंस लर्निंग केन्द्र खोलना।
  • चिन्हित किये गये 150 कॉलेजों को क्वालिटी लर्निंग सेन्टर में परिवर्तित करना।
  • 10 हजार संसाधन संपन्न स्कूलों की स्थापना।
  • विज्ञान प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना।
  • ज्ञान के आदान-प्रदान के लिये प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी।
  • हब और स्पोक मॉडल पर इंजीनियरिंग तथा जिला स्तर के आईटीआई में कैरियर तथा प्लेसमेंट सेल की स्थापना करना।
  • 200 कॉलेजों में प्लेसमेंट और उद्यमिता सेल की स्थापना।
  • आईटीआई में मौजूद लोकप्रिय ट्रेडों को उद्योग की मांग से जोड़ना।
  • ग्लोबल स्किल पार्क और 10 मेगा आईटीआई के लिये उद्योगों के साथ भागीदारी।
4. अर्थव्यवस्था और रोजगार
  • कृषि गारंटी ट्रस्ट के गठन के संबंध में टास्क फोर्स का गठन।
  • संभागीय मुख्यालयों पर बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना।
  • मण्डी नियमों एवं एक्ट में संशोधन एवं प्रभावी कार्यान्वयन।
  • एक जिला एक उत्पाद के तहत खेती क्षेत्र के करीब खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना।
  • बाजार लिंकेज और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा।
  • कृत्रिम गर्भाधान 32 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ाना और निजी भागीदारी को प्रोत्साहन।
  • नॉलेज पोर्टल और युवा संवाद के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करना।
  • मिशन मोड में अनुत्पादक सांडों का बधियाकरण।
  • किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ना और शहद प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करना।
  • चंबल प्रोग्रेस-वे और नर्मदा एक्सप्रेस-वे के निकटता वाले क्षेत्रों में एमएसएमई के लिये विश्वस्तरीय कॉरीडोर के रूप में विकसित करना।
  • निर्यात क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिये 3 नये इनलेण्ड कंटेनर डिपो स्थापित करना।
  • राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप श्रम कानूनों को निवेशकों के लिये अनुकूल बनाना।
  • 15 जिला मुख्यालयों में निजी क्षेत्र द्वारा संचालित प्लेसमेंट सुविधा केन्द्रों की स्थापना।
  • वनोपज का मध्यप्रदेश उत्पाद के तौर पर जीआई टैगिंग करवाना।
  • उत्पाद विकास में अनुसंधान एवं विकास संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये व्यवसायिक संस्थानों के साथ भागीदारी।

 
(64 days ago)
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