समाचार
|| जनपद पंचायत विकासखंड शाहगढ़ के वाहन चालक को एसडीएम बण्डा में वाहन चालक के पद पर संलग्न || श्री संतोष चंदेल बने सिटी मजिस्ट्रेट || जिले की समस्त नवनिर्मित गौशालाओं का संचालन दिसंबर में प्रारंभ करें -श्री इच्छित गढ़पाले || ई-नगरपालिका पोर्टल की समीक्षा के लिये समिति गठित || नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करेगा मध्यप्रदेश- मुख्यमंत्री श्री चौहान || अब 1.50 रु. के स्थान पर 50 पैसे होगा मंडी शुल्क 14 नवंबर 2020 से आगामी 3 माह के लिए लागू होगी यह छूट || प्रदेश में सुदृढ़ अधोसंरचना तैयार करना मूल लक्ष्य - लोक निर्माण मंत्री श्री भार्गव || संविधान हमारे राष्ट्र की आत्मा है और भारत के हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह संविधान का सम्मान करते हुए मूल कर्तव्यों का पालन अवश्य करें- न्यायाधीश श्री रूपम वेदी || मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के सदस्यों नामावली के पुनरीक्षण-2021 की जानकारी दी गई || श्री नरहरि ने खाद वितरण एवं धान उपार्जन की समीक्षा की
अन्य ख़बरें
बड़वानी के पपीता की खेती से किसान की आर्थिक समृद्धि (खुशियों की दास्तां)
-
बड़वानी | 17-नवम्बर-2020
    जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम लोनसरा के कृषक श्री गोविन्द पिता श्री मांगीलाल काग एक प्रगतिशील कृषक है  जो कि सामान्यतः पिछले 8 वर्षो से बड़वानी जिले में मुख्यतः सब्जियों जैसे टमाटर, करेला, खीरा की खेती कर रहे थें। लॉकडाउन के दौरान श्री गोविन्द कॉग ने कृषि विज्ञान केन्द्र से मार्गदर्शन प्राप्त कर फलों कें अंतर्गत पपीता की खेती करने का सोचा तथा केन्द्र से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर पपीता की उन्नत किस्म ताईवान-786 का रोपण किया।
     माह फरवरी में 2.40 मीटर की दूरी पर ड्रिप सिंचाई पद्धति से पौधों को लगाया। पौधो को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व दिए जिसमें 250 ग्राम नाइट्रोजन, 250 ग्राम फास्फोरस, 500 ग्राम पोटाश प्रति पौधा प्रयोग किया तथा इन पौधों से नवबंर माह में फल प्राप्त होने लगे तथा यह फल माह मई-जून तक निरंतर प्राप्त होगें। इस प्रकार 4000 पौधों, जिनको 4 एकड़ क्षेत्रफल में लगाया था उनके उचित प्रबंधन हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र बड़वानी के वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर तकनीकी सलाह दी गयी। फसल रोपण से 25 दिन से लेकर उत्पादन की अवस्था तक विभिन्न जलविलेय उर्वरकों का प्रयोग फर्टिगेशन सेड्यूल के अनुसार किया गया। पपीता की फसल 11 माह में तैयार हो जाती है तथा 16 वे माह तक 6-8 तुड़ाई पूर्ण  कर ली जाती है। कृषक श्री काग ने 4 एकड़ कुल क्षेत्रफल में 4000 पौधे रोपित किये थे जिनसे कुल उत्पादन 1650 क्विंटल प्राप्त हुआ। इससे उन्हे कुल आय राशि रू. 10 लाख 73 हजार 5 सौ  प्राप्त हुई। इनके द्वारा  प्रति पौध लगभग 95 रू. व्यय किया गया। इस प्रकार कुल व्यय राशि रू. 4 लाख 1 हजार किया गया एवं अन्य सभी व्यय की गणना करने के पश्चात् पपीता की 4 एकड़ खेती से शुद्ध आय 6 लाख 30 हजार प्राप्त की गयी व प्रति एकड़ शुद्ध आय 15 लाख 75 हजार प्राप्त की गई।किसान गोविंद भाई बताते हैं कि कृषि विज्ञान केंद्र से मार्गदर्शन प्राप्त कर कोई भी किसान उन्नत खेती की तकनीक को अपना सकता है।
 
(10 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अक्तूबरनवम्बर 2020दिसम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2627282930311
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer