समाचार
|| जिलों में स्थानीय स्तर पर रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देगा || राजधानी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय फेडरेशन कप जूनियर || मध्य प्रदेश पॉवर सेक्टर रिफॉर्म में निभा रहा है अग्रणी भूमिका || प्रदेश में इस वर्ष पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 13 हजार 500 युवाओं को दिया जायेगा कौशल प्रशिक्षण || मुख्यमंत्री श्री चौहान 24 जनवरी को करेंगे ''''पंख अभियान'''' का शुभारंभ || प्रदेश में ''''लैंड टाइटलिंग'''' के लिए कानून बनाया जाएगा || सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करें || टेलेंट हर इंसान में होता है, बस पहचान कर तराशने की जरूरत है -श्रीमती रघुवंशी - सफलता की कहानी || समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण हुआ आयोजित || ग्राम सभाओं का चरणबद्ध आयोजन 25 जनवरी तक किया जायेगा
अन्य ख़बरें
बाल विवाह को समाप्त करने के लिये बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम लागू
-
विदिशा | 21-नवम्बर-2020
    बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसके कारण देश में हजारों बालक, बालिकाओं को विधि अनुरूप विवाह की निर्धारित उम्र से पूर्व ही पारिवारिक बंधनों में बांधकर माता-पिताओं द्वारा उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है। सरकार द्वारा इस कुरीति को समाज से पूर्णतः समाप्त करने के उद्देश्य से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 लागू किया गया है। जिसके अन्तर्गत बाल विवाह करवाने वाले वर-वधू दोनों पक्षों के माता-पिता, भाई-बहन, अन्य पारिवारिक सदस्यों, विवाह करवाने वाले पंडित अथवा अन्य धर्मगुरू, विवाह में शामिल बाराती, घराती, बाजेवाले, घोडेवाले, टेंटवाले, हलवाई तथा विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले अन्य सभी संबंधित व्यक्तियों पर कानून कार्रवाही की जायेगी।
    इसलिये समस्त माता-पिताओं से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों का विवाह विधि अनुरूप विवाह की निर्धारित आयु के पूर्व (लड़की की 18 एवं लड़के की 21 वर्ष) किसी भी दशा में न करें। साथ ही अन्य समस्त जनसाधारण एवं विवाह में सेवा देने वाले सेवाप्रदाताओं से भी अनुरोध है कि ऐसे किसी भी विवाह कार्यक्रम में न तो शामिल हों और न ही अपनी सेवायें दें अन्यथा उनके विरूद्ध अधिनियम अंतर्गत कानूनी कार्रवाही की जायेगी।
    इसी क्रम में एक विशेष अपील विवाह कराने वाले धर्मगुरूओं, विवाह में सेवा देने वाले सेवाप्रदाताओं तथा मुद्रकों (विवाह पत्रिका छापने वाली प्रिटिंग प्रैस आदि) से की जाती है कि वे विवाह के पूर्व वर एवं वधू दोंनो की सही आयु की संतुष्टि हेतु उनके मूल जन्म प्रमाण पत्र, अंकसूची, स्कूल टीसी आदि की सत्यापित छायाप्रति प्राप्त कर अपने पास अनिवार्य रूप से संग्रहित करें तथा उम्र सही होने की दशा में ही विवाह की पत्रिका छापें एवं सेवायं देना सुनिश्चित करें। जहां विवाह होने वाले लड़का एवं लड़की की उम्र सही न होने की दशा में विवाह पत्रिका न छापे और न ही सेवायें दें। साथ ही ऐसे प्रकरणों की सूचना तत्काल जिला एवं ब्लॉक स्तर पर संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय को दें। सूचनाकर्ता की जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जायेगी।
    यदि किसी धर्मगुरू (पंडित, मौलवी आदि) के द्वारा विधि अनुरूप विवाह की निर्धारित आयु से कम आयु के लड़के अथवा लड़की का विवाह संपन्न कराया जाता है, अथवा किसी मुद्रक द्वारा ऐसी पत्रिका छापी जाती है या विवाह में सेवा देने वाले सेवाप्रदाताओं द्वारा ऐसे विवाह में सेवाप्रदाय की जाती है तो उस व्यक्ति, सेवाप्रदाता, मुद्रक, फर्म के विरूद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाही की जायेगी।
 
(61 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2021फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer