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सब्जी मण्डियों में आढ़तियों के कमीशन सहित उद्यानिकी कृषकों के हित संरक्षण के सुझावों पर विचार करेंगे - स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री श्री कुशवाह
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उमरिया | 25-नवम्बर-2020
      उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से जुड़े किसानों के हित संरक्षण के लिये प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर क्रियान्वित करने की पहल की जायेगी। राज्य मंत्री श्री कुशवाह आज गुलाब उद्यान में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से जुड़े किसानों से चर्चा कर रहे थे। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिले के उद्यानिकी कृषकों ने फसलों के विक्रय में वाजिव दाम दिलाने सहित उद्यानिकी कृषकों के खेत में फेंसिंग अनुदान की बात कही।
    कृषकों ने सुझाव दिया कि उद्यानिकी फसल क्षेत्र में जहाँ सरप्लस मात्रा में फसलों का उत्पादन हो रहा है, वहाँ प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाये, ताकि सरप्लस उत्पादन होने के कारण किसान अपने उत्पाद का प्र-संस्करण कर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। किसानों द्वारा बताया गया कि सब्जी मण्डियों में आढ़तियों द्वारा 8 से 10 प्रतिशत कमीशन काटा जाता है, जबकि अन्य राज्यों में आढ़तियों द्वारा किसानों से कम कमीशन शुल्क लिया जाता है। कमीशन शुल्क 10 प्रतिशत की जह 5 प्रतिशत लिया जाये।
    किसानों द्वारा माँग की गयी कि लघु एवं सीमान्त कृषकों को फसल की सुरक्षा के लिये फेंसिंग पर अनुदान का प्रावधान किया जाये। मण्डी के समीप कोल्ड-स्टोरेज की व्यवस्था की जाये।किसानों को समय पर बीज एवं खाद उपलब्ध कराया जाये। अनुदान की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा की जाये। बड़े शहरों में मण्डी के अतिरिक्त आवश्यकतानुसार ओपन मार्केट की व्यवस्था की जाये। इसके साथ फसल बीमा में कृषकों का कहना है कि कृषि विभाग में फसल बीमा की जो प्रकिया लागू है, वहीं उद्यानिकी फसलों के बीमा के लिये लागू होना चाहिये। किसानों से चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 
(61 days ago)
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