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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अपने जीवन को संवारने में लगी है ग्रामीण महिलाएं "खुशियों की दास्तां"
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रतलाम | 09-जनवरी-2021
    मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों का मजबूत सहारा बन रहा है। मिशन से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूह में संगठित हो रही हैं और समूहों में बंधकर अपने जीवन को संवारने में लगी हैं। अपने परिवार के आर्थिक उत्थान में मजबूती से योगदान दे रही हैं। विगत दिवस मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा रतलाम जिले के 23 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 46 लाख रुपए की ऋण सहायता बैंक खातों में उपलब्ध कराई गई।
    स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शासन से ऋण सहायता प्राप्त करके छोटे-छोटे उद्यम द्वारा अपनी आमदनी में इजाफा कर रही हैं। किसी महिला ने किराने की दुकान संचालित की है तो किसी ने श्रंगार सामग्री की, अधिकांश महिलाएं मजदूर परिवारों से संबंधित है। पहले जहां मात्र पति मजदूरी करके अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटा रहे थे वहीं अब पत्नियां भी उनकी मदद के लिए आगे आई हैं। इसका आधार बना है राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मिशन के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में संगठित किया गया है। साथ ही समय-समय पर ऋण तथा अन्य सहायता मुहैया कराई जा रही है।
    जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप केरकेट्टा ने बताया कि रतलाम जिले में स्व सहायता समूह की महिलाओं को इस वित्तीय वर्ष में लगभग 3 करोड रुपए की वित्तीय सहायता ऋण के रूप में बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह राशि ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ा संबल बनी है। मदद मिलने से महिलाओं ने अपने गांव में ही अपने घरों पर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं। कोई महिला सब्जी विक्रय कर रही है तो कोई किराना दुकान संचालित कर रही है। यदि किसी ने ब्यूटी पार्लर का कार्य सीखा है तो ब्यूटी पार्लर बेहतर तरीके से संचालित करने में सक्षम हुई है। ग्राम धोंसवास की अंगूरबाला समूह से जुड़कर आत्मविश्वास से भर गई है। कृष्णा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अंगूरबाला मिशन से आर्थिक मदद लेकर महिलाओं से संबंधित सामग्री की दुकान संचालित कर रही है। इससे  अच्छा फायदा हो रहा है, उसके परिवार की आय बढ़ गई है, मुश्किलें दूर हुई हैं।
    इसी प्रकार धोंसवास की ही रेखाबाई जो कृष्णा स्वयं सहायता समूह की सचिव है, उन्होंने मिशन से मदद लेकर सब्जी विक्रय का कार्य शुरू किया है। इसी गांव की कुसुम को भी मदद मिली है, कुसुम द्वारा सिलाई कार्य किया जा रहा है। साथ ही किराना की दुकान की संचालित की जा रही है। यह सभी महिलाएं खुश हैं, मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यवाद देती हैं।
    राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला समन्वयक श्री हिमांशु शुक्ला ने बताया कि रतलाम जिले में मिशन के तहत 2600 स्व सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इन समूहों से लगभग 28000 महिलाएं जूड़कर अपनी आर्थिक बेहतरी के लिए कार्य कर रही हैं। जब महिलाएं अपने परिवार का आर्थिक सहारा बनी है तो उनका आत्मविश्वास भी प्रबल हो गया है। अब महिलाएं आगे बढ़कर और ज्यादा आमदनी के लिए योजनाएं बनाने लगी है। निश्चित रूप से आगामी समय में रतलाम जिले का ग्रामीण परिदृश्य आर्थिक रूप से और बेहतर दिखाई देगा।
 
(52 days ago)
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