समाचार
|| अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण आवेदन की अंतिम तिथि अब 31 मार्च 2021 || गुरु-शिष्य परम्परा के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिये आवेदन की अंतिम तिथि आज || ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवा वर्ग नि:शुल्क प्रशिक्षण हेतु आवेदन करें || जिला एवं विकासखण्‍ड स्‍तर की पेयजल समस्‍या निवारण प्रकोष्‍ठ का हुआ गठन || फसल गिरदावरी के संबंध में नवीन निर्देंश जारी || लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए हुई बैठक || विशाल रोजगार मेले का आयोजन 5 एवं 6 मार्च को मंदसौर व गरोठ में || 1 मार्च से लगेगा आम जनता को कोरोना का टीका || दीनदयाल अंत्योदय योजना : एक नजर || नोवेल कोरोना वायरस बीमारी के प्रसार से बचने एवं सामुहिकता कम करने हेतु जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
अन्य ख़बरें
मंदसौर जिले की मीनाकारी कला प्रदेश के साथ देश में अपना स्थान बनाएगी - खुशियों की दास्तां
सरकार का अभिनव प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश देगा इसको नया निखार
मन्दसौर | 19-जनवरी-2021
   मंदसौर जिले में की जा रही मीनाकारी कला प्रदेश का गौरव है। आने वाले कुछ समय में यह कला न सिर्फ प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेगी, बल्कि इस कला से देश का भी नाम गौरवान्वित होगा। भारत में आजादी के पूर्व तक कुछ कलाए ऐसी जिसके कारण भारत का नाम व हस्तशिल्प कला के क्षेत्र में अग्रणी था। लेकिन अंग्रेजों के आगमन के पश्चात विऔधोगिकरण के कारण कुछ कला पतन की ओर अग्रसर हो गई। लेकिन कुछ कलाओं ने अपना नाम एवं पहचान अभी तक छुपा के रखी हैं। अपने क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान लिए हुए हैं। प्राचीन समय में राज रजवाड़े, भारतीय शासकों ने इन कला विशेष संरक्षण प्रदान किया। जिसकी वजह से यह कला न सिर्फ भारत जबकि एशियाई देशों, पश्चिमी देशों तक फैली।
    इस कला के संदर्भ में अगर बात की जाए तो मीनाकारी कला मंदसौर जिले की एक पहचान है। यह कला भारत के साथ-साथ विदेशों में दुबई तक अपनी पहचान बना चुकी है। मंदसौर जिले में इस कला को शबनम परवीन के द्वारा किया जाता है। शबनम परवीन बताती हैं, कि इस कला को काफी समय से कर रहे हैं। इस कला की डिमांड भी बहुत ज्यादा है। इसको बनाने के लिए इनके द्वारा कच्चा मटेरियल मुंबई एवं अहमदाबाद से लाया जाता है। इनको बनाने में रबर, कलर, डाई अन्य रो मटेरियल उपयोग किए जाते हैं। एक बर्तन को बनाने में लगभग इनको 3 दिन का समय लगता है। तब जाकर एक बर्तन पर मीनाकारी कला पूर्ण होती है। साथ ही यह कला इतनी मजबूत हैं, कि उस बर्तन का ताउम्र कुछ नहीं बिगड़ता है। शबनम परवीन उम्मीद करती हैं, कि मध्य प्रदेश सरकार की योजना आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के तहत मीनाकारी कला को भी प्रोत्साहन किया गया है। इस कला को बढ़ाने में जिला प्रशासन विशेष रूप से अग्रणी है। मीनाकारी कला को वैश्विक रूप प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ-साथ प्रशासन एवं हम सब मिलकर अथक प्रयास कर रहे हैं।   
(39 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जनवरीफरवरी 2021मार्च
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
25262728293031
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer