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मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना से लौटी अंकित और युवराज के चेहरे पर मुस्कान ‘‘खुशियों की दास्तां’’
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सतना | 23-जनवरी-2021
 
    प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना जन्मजात विकृति से पीड़ित गरीब परिवार के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। नागौद मढ़ीकला निवासी जितेंद्र दहायत का 3 वर्षीय पुत्र युवराज दहायत तथा हरिजन बस्ती नकैला मझगवां निवासी रामबिहारी यादव का 5 वर्षीय पुत्र अंकित यादव जन्म से ही बोलने और सुनने की शक्ति खो चुके थे। मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कॉकलियर इम्प्लांट हो जाने से अब ये दोनों बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह बोलने एवं सुनने लगेंगे। युवराज और अंकित के साथ-साथ उनके परिजनों के चेहरे पर खिली मुस्कान प्रदेश सरकार की योजना से मिली खुशियों की दास्तां बयां कर रही है।
       विकासखंड नागौद अंतर्गत मढ़ीकला गांव के जितेंद्र दहायत का 3 वर्षीय पुत्र युवराज दहायत तथा मझगवां विकासखंड अंतर्गत हरिजन बस्ती नकैला निवासी रामबिहारी यादव का 5 वर्षीय पुत्र अंकित यादव जन्मजात विकृति से पीड़ित होने के कारण न सुन सकते थे और न ही बोल सकते थे। बच्चों की उम्र बढ़ने के साथ ही परिजनों को बीमारी के बारे में जानकारी हुई। परेशान परिजनों ने निजी चिकित्सकों से संपर्क किया। लेकिन इलाज महंगा होने की वजह से गरीब परिजन बच्चों का इलाज करा पाने में असमर्थ थे। तभी इन्हें मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी मिली। परिजनों द्वारा जिला अस्पताल में संपर्क करने के बाद शासन द्वारा निर्धारित पैकेज के अनुसार बच्चों के इलाज हेतु 5 लाख 20 हजार रूपये की सहायता राशि मंजूर की गई। प्रकरण तैयार होने के उपरांत स्वास्थ्य विभाग की अनुबंधित संस्था में बच्चों का कॉकलियर इम्प्लांट (कान की सर्जरी) कर मशीन लगाई गई। सर्जरी के बाद अनुबंधित संस्था एक वर्ष तक दोनों मासूमों की थेरेपी करेगी। इसके बाद दोनों बच्चे अन्य बच्चों की तरह बोलने और सुनने लगेंगे। युवराज और अंकित के माता-पिता बच्चों के इलाज में योजना से मिली मदद के लिए प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।
 
(34 days ago)
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