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म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस वाहन प्राप्त होने पर ग्राम देवरा की निशा इसका खुद संचालन करती हैं और इसकी आमदनी से समूह की व्यवस्था को चलाती है "कहानी सच्ची हैं"
दो माह पहले कलेक्टर ने वाहन को दिखाई थी हरी झंडी
धार | 09-फरवरी-2021
    धार जिले के मनावर के ग्राम देवरा की निशा शर्मा ने अपने साहस से न केवल अपनी जिंदगी का अंधेरा दूर किया बल्कि वे अब कई लोगों के लिए मददगार बन गई हैं। 32 वर्षीय निशा जिले की पहली ऐसी वाहन चालक हैं जो वाहन के माध्यम से सवारियों को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचा रही हैं। निशा को म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस नामक वाहन उपलब्ध हुआ था। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने अपने विगत माहो में किये गए मनावर दौरे के दौरान वाहन को हरी झंडी दिखाई थी। अब निशा यह चलाकर महिलाओं की सहायता करने में भी अग्रणी हैं। देर रात को महिलाओं को यदि कहीं जाने में परेशानी हो तो तुरंत मदद लिए तत्पर हो जाती हैं। ग्राम पंचायत में भी निशा ने बदलाव किया है। उनकी ग्राम पंचायत में होने वाली ग्राम सभा में कभी- कभी तो अधिकांश महिलाएं होती हैं। यह निशा की प्रेरणा से ही संभव हो पाया है।
     तीन साल की उम्र में ही निशा के पिता का निधन हो गया था। माता ने उन्हें पाला। परिस्थितियों के कारण बहुत अधिक नहीं पढ़ पाई। जल्द ही विवाह हो गया और दो बेटियों को जन्म दिया। बेटी मात्र तीन साल की ही थी और तलाक हो गया। इन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने गांव की महिलाओं की प्रेरणा बन गई। एक समूह तैयार किया और उसके माध्यम से करीब दो माह पहले आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस नामक सवारी वाहन मिला। इसका खुद संचालन करती हैं और इसकी आमदनी से समूह की व्यवस्था को चलाया जाता है।
     निशा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा करवाने में महती भूमिका निभाती हैं। कई महिलाओं को शाम को साधन नहीं मिलने पर उनको घर तक आजीविका एक्सप्रेस से केसुरक्षित पहुंचाती हैं। खेती का काम भी खुद करती हैं। भाई कुछ सालों से घर छोड़कर चला गया है। ऐसी स्थिति में वह घर का काम कर रही हैं। तीन साल पहले मां लकवा ग्रस्त हो गई तो उनकी सेवा भी करती है। समूह की महिलाओं के लिए वे सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। ग्राम देवरा में कभी ग्राम सभा में महिलाएं नहीं जाती थी वहां अब 30 से 40 महिलाएं पहुंचती हैं।

 
(16 days ago)
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