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जिला जेल में बंदियों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित
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रायसेन | 16-फरवरी-2021
            जिला एवं सत्र न्यायाधीष तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ग्राम पठारी स्थित जिला जेल में पुरूष व महिला बंदियों के लिए ‘‘बंदियों के अधिकार, प्री-म्युच्योर रिलीज, निःशुल्क विधिक सहायता’’ विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती नीलम मिश्रा, जिला जेल अधीक्षक श्री मण्डलोई सहित जेल स्टॉफ और लॉ इंटर्न उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मिश्रा द्वारा जिला जेल में निरूद्ध बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई कि कोई भी महिला या पुरूष जन्म से अपराधी नहीं होता और न ही स्वेच्छा से कारागार में प्रवेष लेता है। समाज में गरीबी, अज्ञानता, भय, क्रोध व दुर्घटनात्मक परिस्थितियों के कारण व्यक्ति से अपराध घटित हो जाते है। प्रकरण के विचारण के लिए या सजा के कारण व्यक्तियों को कारागार में रहना पड़ता है, जिससे उसकी स्वच्छन्दता प्रतिबिंबित हो जाती है किंतु अन्य सभी मूल अधिकार, मानव अधिकार सामान्य तौर पर उसे मूलकर्तव्यों व दायित्वों के साथ उपलब्ध रहते है।
शिविर में श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जेल में परिरूद्ध बंदियों के संवैधानिक अधिकार है जैसे कि बंदियों को निःषुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त करने का अधिकार, सपंर्क एवं मुलाकात का अधिकार, विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार, पढ़ने लिखने एवं अभिव्यक्ति का अधिकार, मारपीट एवं प्रताड़ना के विरूद्ध अधिकार, व्यक्तिगत सुनवाई का अधिकार, मनोरंजक सुविधाओं में भाग लेने का अधिकार, धर्म पालन का अधिकार, उपचार का अधिकार, पुर्नस्थापना का अधिकार आदि। महिला बंदियों को उनके अधिकार एवं सुविधाओं के बारे में भी बताया गया। जेल में बंदियों को प्राप्त होने वाली मूलभूत सुविधाओं, आहार चिकित्सा इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई। बंदियों को प्री-म्युच्योर रिलीज के बारे में भी बताया गया। अंत में बंदियों के द्वारा पूछे गए प्रष्नों के उत्तर भी दिए। निरीक्षण के समय, जिला जेल में 216 पुरूष (26 सश्रम, 190 विचाराधीन बंदी), 14 महिला (विचाराधीन बंदी) सहित कुल 230 बंदी उपस्थित रहे।

 
(64 days ago)
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