समाचार
|| जिले में उपलब्ध समस्त ऑक्सीजन सिलेण्डर चिकित्सीय कार्य में उपयोग के लिये अधिग्रहित || रविवार को 220 लाभार्थियों को लगाया गया कोविड-19 वैक्सीन || 19 अप्रैल को जिले के 86 केन्द्रों पर लगेगा कोविड-19 का टीका || दयोदय तीर्थ क्षेत्र पहुंचकर कोविड केयर सेन्टर की व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने लिया जायजा || "मैं कोरोना वोलेंटियर" अभियान के अन्तर्गत नवांकुर संस्था जामई द्वारा प्रेरित करने पर पात्र व्यक्तियों ने लगवाई वैक्सीन "कहानी सच्ची है" || अभी तक जिले में 180728 व्यक्तियों ने लगवाया टीका || कोविड-19 मीडिया बुलेटिन - जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से 95 नये व्यक्ति हुये स्वस्थ || ट्रेन से आने वाले 10 यात्रियों को किया गया कोरेंटाईन || जिले में कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण हेतु किया गया सैंपलिंग का कार्य लगातार जारी || जिला कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा विगत 24 घण्टे में 110 प्रकरणों का निराकरण
अन्य ख़बरें
खेतों में नरवाई जलाने से लाभदायी कीट नष्ट होता है व मिट्टी की जलधारण क्षमता में कमी होती है
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शक्तावत ने कृषकों से नरवाई न जलाने की अपील की, ग्राम सिया में कृषक संगोष्ठी आयोजित
आगर-मालवा | 16-फरवरी-2021
      उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक’’आत्मा’’श्री ए.के.तिवारी के निर्देशानुसार कृषि विभाग‘‘आत्मा‘‘योजनान्तर्गत 16 फरवरी को नलखेडा विकासखण्ड के ग्राम सिया में रबी कृषक संगोष्ठी सम्पन्न हुई। कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ़ आर.पी.एस.शक्तावत ने संगोष्ठी में कृषकों को रबी फसलों की एवं खरीफ फसलो से जुड़ी जानकारी दी। डॉ. शक्तावत ने कृषकों को खेतों में नरवाई न जलाने की अपील करते हुए कहा कि नरवाई जलाने से खेतो में लाभदायक मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की नमी कम होने से सख्त हो जाती है। जिससे जुताई करने पर अधिक मेहनत लगती है एवं कृषि की जुताई भी सही नहीं हो पाती है। साथ ही मिट्टी की जलधारण क्षमता भी कम हो जाती है। इसलिए कृषक अपनी खेतों में नरवाई न जलाएं।
    आत्मा तकनिकी सहायक वेद प्रकाश सेन ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, वर्मीकम्पोस्ट, नाडेप खाद के साथ ही जैविक खेती के बारे में विस्तार से बताया। श्री जेसी.राठौर ने गोबर से बायोगैस बनाने की विधि एवं उसके अनुदान के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीएस.के.चतुर्वेदी ने मिट्टी परीक्षण नमूने की जानकारी दी गई। नेहरू युवा केन्द्र के के. चंदरेन द्वारा जल संरक्षण विधियों के बारे में बताया गया तथा ब्लॉक कॉर्डिनेटॉर सुरेन्द्र चौधरी द्वारा एजोला उत्पादन तकनीक के बारे में कृषकों को बताया गया। संगोष्ठी में कृषकगण उपस्थित रहे।
 
(61 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2021मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer