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श्रीमती प्रतिभा ने अगरबत्ती व्यवसाय शुरू कर महिला सशक्तिकरण की पेश की मिसाल - खुशियों की दास्तां
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दतिया | 17-फरवरी-2021
   दतिया की श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत, लगन एवं पति के सहयोग से स्वयं का अगरबत्ती उद्योग शुरू कर महिला सशक्तिरण की मिसाल पेश कर वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है। इस व्यवसाय से स्वयं आत्म निर्भर होने के साथ अन्य 10 महिलाओं को रोजगार दे रही है।
   दतिया नगर के गंजी के हनुमान जी के पास रहने वाली स्नातक की परीक्षा उत्र्तीण श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव के पति मनोज श्रीवास्तव निजी कंपनी में दतिया से बाहर कार्य करते थे। लेकिन बाहर रहने के कारण परिवार की देखरेख सही ढंग से न कर पाने और कंपनी से इतना वेतन भी नहीं मिल पाता था कि वह परिवार का भरण-पोषण ठीक ढंग से कर सके।
   इस बीच श्रीवास्तव दम्पति ने निर्णय लिया कि क्यों न स्थानीय स्तर पर स्वयं का अगरबत्ती व्यवसाय शुरू किया जाये। इस व्यवसाय के बारे में जानकारी लेने पति-पत्नि ने गीतांजली अगरबत्ती वर्कस इन्दौर में जाकर चर्चा कर इस व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। वापिस आकर निर्णय लिया कि दतिया में स्वयं के पास जमा पूंजी से अगरबत्ती निर्माण का छोटा का व्यवसाय शुरू करें।
   श्रीमती प्रतिभा एवं उनके पति ने दतिया में साढ़े तीन लाख रूपये की अगरबत्ती बनाने की ऑटोमैटिक सेकेण्ड हैण्ड मशीन खरीदकर एक वर्ष पूर्व अगरबत्ती व्यवसाय शुरू किया। लेकिन कोरोना काल में लॉक डाउन होने से व्यवसाय में मंदी आ गई और परिवार की अर्थिक स्थिति कमजोर होने लगी। लेकिन जैसे ही कोरोना का संक्रमण कम होने हुआ पुनः अगरबत्ती व्यवसाय शुरू हो गया। इनके द्वारा निर्मित अगरस्ती की खुशबू टीकमगढ़, छतरपुर आदि जिलों तक पहुंच रही है। श्रीमती प्रतिभा ने बताया कि अगरबत्ती निर्माण में लगने वाले कच्चे माल के रूप में स्टिक, पाउण्ड़र आदि सामग्री झांसी एवं ग्वालियर से खरीद रहे है। जिस पर 57 रूपये प्रति किलो के मान से अगरबत्ती निर्माण का खर्चा आता है। जबकि 63 रूपये प्रति किलो के मान से अगरबत्ती छतरपुर, टीकमगढ आदि स्थानों के थोक व्यापारी उनके घर से ले जाते है। उनके द्वारा निर्मित अगरबत्ती जिज्ञासा स्व-सहायता समूह के नाम से बेची जा रही है। इस कार्य में उनके साथ 10 महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। प्रत्येक महिला को 150 रूपये से लेकर 200 रूपये प्रतिदिन मेहनताना मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर बैंक के सहयोग से अगरबत्ती के इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगरबत्ती निर्माण के कार्य में परिवार के अन्यजन भी सहयोग कर हरे हे।

   (अनूप सिंह भारतीय)
   उपसंचालक
जनसम्पर्क दतिया
(58 days ago)
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