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वृहद मीडिया के दायरे में सावधानी आवश्यक
नई तकनीकों से जुड़कर लाए पत्रकारिता में बदलाव, धार मुख्यालय में मीडिया संवाद कार्यशाला सम्पन्न
धार | 18-मार्च-2017
   जनसम्पर्क विभाग के तत्वावधान में आज 18 मार्च 2017 को जिला पंचायत सभाकक्ष में मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोज कुमार, श्री शरद द्विवेदी, इन्दौर के वरिष्ठ पत्रकार श्री शशीन्द्र जलधारी, श्री कीर्ति राणा एवं श्री नवनीत शुक्ला उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में पत्रकारों को समाचार संकलन की कला, मीडिया के बढ़ते प्रभाव, बदलाव के साथ कई नवीन तकनीकों के प्रयोगों को भी विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सिटी मजिस्ट्रेट श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, अतिथि विशेषज्ञ पत्रकारों, उप संचालक जनसंपर्क इन्दौर श्री श्रवण कुमार सिंह, सहायक संचालक सुश्री वर्षा चौहान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
   इस अवसर पर उद्बोधन देते हुए श्री शरद द्विवेदी ने कहा कि वक्त के साथ सभी क्षेत्रों में बदलाव आया है। पत्रकारिता का क्षेत्र भी इससे अछूता नही है, अब पत्रकारिता जगत का दायरा बहुत ही वृहद हो गया है। उन्होने मीडिया स्फीयर पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले तो मात्र प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया ही चलन में थे, किन्तु अब सोशल मीडिया के साथ ऐसे कई माध्यम हो गए है, जिससे कि मीडिया का दायरा अधिक व्यापक हो गया है। उन्होने कहा कि नवीन तकनीकों के साथ जुड़कर पत्रकारिता को और अधिक सरल बनाया जा सकता है, जिससे कार्य की प्रभावशीलता कई गुना बढ़ जाऐगी। उन्होने कहा कि समाज के हर वर्ग में संगठन शक्ति अधिक है, इसलिए पत्रकारों को चाहिए कि वे एक जुट होकर एक-दुसरे की मदद करे, ताकि वे स्वयं के साथ समाज का भी अधिक भला कर पाऐगे। उन्होने कहा कि पत्रकारिता को वर्गो में विभाजित नही करना चाहिए, चाहे वह आंचलिक क्षेत्र की हो या राष्ट्रीय स्तर की हो, पत्रकारिता सिर्फ पत्रकारिता है।
   वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोज कुमार ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि सर्वाधिक कठिन पत्रकारिता ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों की होती है। सर्वाधिक सहिष्णुता पत्रकारिता के क्षेत्र में होती है। पत्रकारिता से ही समाज का भला होता है और विकास की राह भी खुलती है। पत्रकारिता पहले मिशन हुआ करती थी, अब पत्रकारिता मीडिया में तब्दील हो गई है। अब कई औद्योगिक घराने भी मीडिया क्षेत्र में आ गए है। उन्होने कहा कि पत्रकारिता में सुविधाभोगी होने के बजाय बैराग्य होना पत्रकारिता को अधिक सार्थक बनाता है। उन्होने कहा कि पत्रकारों को नियमित अध्ययन करना चाहिए और हर क्षेत्र में अद्यतन रहना चाहिए।
   कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए इन्दौर के वरिष्ठ पत्रकार श्री शशीन्द्र जलधार ने प्रेस से संबंधित कानूनों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ध्यान रखना जरूरी है। पत्रकार जज की भूमिका न निभाए, वे समाज व सरकार की कमियों को अपने लेखों के माध्यम से इंगित करे। उन्होने कहा कि पत्रकारिता में निष्पक्षता, स्वतंत्रता व निर्भिकता होनी चाहिए, किन्तु इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि समाचार प्रकाशन में किसी भी व्यक्ति या संस्था की मानहानि न हो। उन्होने कहा कि मानहानि कानून से संबंधित एक अलग से पत्रकारों की कार्यशाला होना चाहिए।
   वरिष्ट पत्रकार श्री कीर्ति राणा ने ‘‘पत्रकारिता और रिश्ते’’ विषय पर बेवाक टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकारिता में रिश्तों का बढ़ा महत्व है। रिश्तों से ही समाज को जोड़ा जा सकता है, जिससे खबरों की प्रमाणिकता की पुष्टि होती है। उन्होने कहा कि पत्रकारिता सुख व दुःख का साथी हो गया है। समाज में सर्वाधिक किस तरह की खबरे पसंद की जा रही है, इसका सर्वे भी आवश्यक है और यह सर्वे रिश्तों से अपने-आप मिल जाता है।
   श्री नवनीत शुक्ला ने कहा कि समाज में पत्रकार को ही यह अधिकार मिला है कि वह किसी से भी सवाल कर सकता है। इसके लिए पत्रकारों को व्यक्तित्व विकास की ओर ध्यान देना चाहिए। एक अच्छे पत्रकार होने के साथ एक अच्छा इंसान भी होना आवश्यक है। पत्रकारिता की ओर आज-कल बड़ी संख्या में युवा आकर्षित हो रहे है, उन्हे चाहिए कि वे पुरानी पीढ़ी के लोगों के अनुभवों को साझा कर अपनी पत्रकारिता को ओर अधिक निखार सकते है।
   इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित नगर दण्डाधिकारी श्री जितेन्द्रसिंह चौहान ने कहा कि आज की कार्यशाला में धार के पत्रकारों के साथ उन्हे भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। इस तरह की कार्यशालाएं समय-समय पर होती रहनी चाहिए, ताकि पत्रकारों और प्रशासन के बीच का तालमेल और अधिक बढ़ सके।
   कार्यशाला के प्रारंभ में इन्दौर जनसंपर्क विभाग के उप संचालक श्री श्रवण कुमार सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा के साथ स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों का स्वागत सहायक संचालक जनसंपर्क सुश्री वर्षा चौहान, वरिष्ठ पत्रकार श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी, श्री सुनील सचान, श्री धीरेन्द्र दीघे, श्रीमती पुष्पा शर्मा आदि ने किया। इस अवसर पर समस्त अतिथि विशेषज्ञ का शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रेम विजय पाटील ने किया। आभार सहायक संचालक जनसंपर्क धार सुश्री वर्षा चौहान ने माना। 
 
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