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तुलसी जयंती समारोह भव्यता के साथ हुआ संपन्न
मुख्य अतिथि श्री श्रीवास्तव ने तुलसी के सामाजिक समरसता के दर्शन पर की विस्तृत व्याख्या
छिन्दवाड़ा | 13-अगस्त-2017
 
 
      हिन्दी प्रचारिणी समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी तुलसी जयंती समारोह भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य शासन के संस्कृति व वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में समारोह में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर श्री जे.के.जैन ने की। हिन्दी प्रचारिणी समिति की संक्षेपिका व स्वागत उद्बोधन देते हुये वरिष्ठ पत्रकार एवं समिति के पदाधिकारी श्री गुनेन्द्र दुबे ने बताया कि वर्ष 1935 में तुलसी जयंती के पावन अवसर पर हिन्दी प्रचारिणी समिति का गठन कर हिन्दी के प्रचार-प्रसार के कार्य का शुभारंभ किया गया था। समारोह में मुख्य अतिथि व अध्यक्ष को समिति की मानद सदस्यता का अभिनंदन पत्र समिति के डॉ.दिलीप खरे द्वारा प्रदान किया गया।
      समारोह के मुख्य अतिथि व मूर्धन्य वक्ता श्री मनोज श्रीवास्तव का वक्तव्य तुलसी साहित्य विशेषकर रामचरित मानस पर उनके सामाजिक सरोकार से जुडे दर्शन पर केन्द्रित रहा। उन्होंने इस दौरान बताया कि उनके अभी तक 16 ग्रंथ प्रकाशित हो चुके है और 2005 से वे सुंदरकांड पर काम कर रहे है। अभी तक 5 हजार पृष्ठ लिखे जा चुके है। उन्होंने सुंदरकांड के पुनर्पाठ की विशेष रूचि को प्रदर्शित करते हुये तुलसी के सामाजिक समरसता के दर्शन की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान बताया कि रामचरित मानस के भाष्यकारों द्वारा अपने-अपने ज्ञान की परिधि के आधार पर व्याख्या की गई है एवं कुछेक दोहा चौपाईयों को लेकर देश विदेश के अनेक विद्वानों ने भी अपने-अपने ढंग से व्याख्या की है। उन्होंने उस दर्शन की तत्कालीन परिस्थितियों तथा वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिकता का वैज्ञानिक और तर्कपूर्ण ढंग से जनकल्याण व सामाजिक समरसता को केन्द्र में रखकर व्याख्या की। उनके इस अनूठे और तर्कपूर्ण वैज्ञानिक व्याख्या को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध रह गये। उन्होंने प्रारंभ में हिन्दी प्रचारिणी समिति द्वारा संजोये गये हिन्दी साहित्य का अवलोकन किया और हिन्दी के प्रचार-प्रसार की सराहना करते हुये इस संस्था में समय-समय पर पधारे अनेक हिन्दी आचार्यो, कवियों, लेखकों व विशिष्ट व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समिति को अपनी दो पुस्तकें भी भेंट की।
      समारोह में कलेक्टर श्री जे.के.जैन ने आयोजन समिति व मुख्य अतिथि के तुलसी साहित्य को लेकर सारगर्भित व्याख्यान व उनकी साहित्यिक रूचि की सराहना की। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर श्री आलोक श्रीवास्तव, एस.डी.एम. श्री राजेश शाही, संभागीय उपायुक्त वाणिज्यिक कर श्री पी.के.पाण्डे, समिति के पदाधिकारी और सदस्य, साहित्यकारगण, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे।  
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