समाचार
|| निर्वाचन जागरूकता वेन द्वारा विधानसभा बीना एवं खुरई में प्रचार प्रसार || 300 दिनों से अधिक अवधि की लम्बित शिकायतों के लिए जिलाधिकारियों को मिलेगा कारण बताओ नोटिस || आंगनबाड़ी केन्द्र व्यवस्थित रहें, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सेक्टर सुपरवाईजर्स अपने तय मुख्यालय में ही निवास करें- कमिश्नर श्री अवस्थी || भिण्ड के विकास की गति को और अधिक गति देंगे-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह || पंचायत के अभ्यार्थियों हेतु शौचालय निर्माण का होना अनिवार्य || मिलेनियम वोटर्स को मतदाता दिवस पर दिये जायेंगे वोटर आई.डी. कार्ड और बैच || कलेक्टर ने एमडीएम से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश || आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की अनंतिम चयन सूची जारी || झील महोत्सव के ब्रोशर का लोकार्पण || धान उपार्जन के प्रति गंभीरता बरतें अधिकारी – कलेक्टर
अन्य ख़बरें
“दिल से” कार्यक्रम में किसानों को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया संबोधित
-
देवास | 13-अगस्त-2017
 
 
 
     प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम 6:00 से 6:30 बजे प्रधानमंत्री के "मन की बात" के कार्यक्रम की तर्ज पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने "दिल से" कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की जनता के मध्य बात रखी। प्रदेश के किसानों को आहवान करते हुए कहा कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाया जाए। अच्छी फसल पैदा करने के लिए मृदा परीक्षण  कराए। इसके लिए प्रदेश में 265 केंद्र खोले गए हैं। फसलों को लगाने के लिए नई पद्धति का प्रयोग करें तथा अंतरवर्ती फसल लगाने पर जोर दिया जाए। कस्टम हॉरयु सेक्टर के माध्यम से किसानों को नए उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
मालवा-निमाड़ को रेगिस्तान नहीं बनने देंगे
   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मालवा-निमाड़ को रेगिस्तान नहीं बनने देंगे। इसके लिए नर्मदा को शिप्रा जोड़ा है। जल्दी ही गंभीर नदी से जोड़ने के बाद नर्मदा कालीसिंध नदी को भी जोड़ा जाएगा।
लोगों ने उत्साह से देखा व सुना कार्यक्रम
   मुख्यमंत्री श्री चौहान के कार्यक्रम का प्रसारण देवास शहर में एबी रोड स्थित बिग बॉक्स शोरूम पर शोरूम संचालक रवि जैन द्वारा किया गया। यहां पर शहरवासियों ने एलईडी के माध्यम से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखा व सुना। साथ ही जिले में भी लोगों ने बड़े ही उत्साह के साथ मुख्यमंत्री के इस संबोधन को सुना व देखा।
   कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए कृषि के साथ सहायक व्यवसाय अपनाएं जाए। जैसे कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन आदि। प्रदेश में दूध संकलन के लिए 3000 दूध संकलन केंद्र स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान  ने कर्ज से दबे किसानों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कहा कि  साहूकार पैसों की वसूली के लिए जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता, अगर जोर जबरदस्ती करता है तो किसान राजस्व अधिकारियों से शिकायत करें। किसानों की खेती करते वक्त आकस्मिक दुर्घटना मृत्यु होने पर संबंधित परिवार को 4 लाख  रुपए की राहत राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रदान की जाएगी। किसान की दुर्घटना मैं अपंग होने,पशुपालन नुकसान, प्राकृतिक आपदा में नुकसान आदि में नुकसान पर राहत राशि मुहैया कराई जाएगी।
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि "किसान का दर्द हमारा दर्द है" किसानों को परेशान नहीं होने देंगे किसानों के कष्ट को ध्यान में रखते हुए प्याज, मूंग, उड़द जैसी फसलों को प्रदेश सरकार के द्वारा उचित दाम पर खरीदा गया।
 
(127 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2017जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
27282930123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer