समाचार
|| चित्रकूट विधानसभा के लिये आज अपरान्ह 3 बजे तक लिये जायेंगे नाम निर्देशन पत्र || ई.व्ही.एम. मशीन का प्रथम रेण्डमाईजेशन आज || चित्रकूट विधानसभा उप निर्वाचन के लिये प्रेक्षक पहुंचे सतना || मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक आज || प्रभारी मंत्री श्री जोशी का दौरा कार्यक्रम || राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को || बंधुआ श्रमिकों के संबंध में कार्यशाला 24 अक्टूबर को || नवोदय विद्यालय के प्रवेश फार्म ऑनलाइन भरे जायेगें || दुकानविहीन ग्राम पंचायतों में खोली जायेगी उचित मूल्य की दुकानें || पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर
अन्य ख़बरें
अमानक खाद-बीज बेचने वालों के विरूद्ध करें सख्त कार्यवाही-कृषि उत्पादन आयुक्त
-
शहडोल | 11-अक्तूबर-2017
 
 
 
   अपर मुख्य सचिव सह कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना ने कृषि वैज्ञानिक एवं सहाकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि वे अमानक खाद-बीज बेचने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें। उन्होंने निर्देशित किया है कि किसी भी स्थिति में अमानक खाद-बीज का विक्रय किसानों को नहीं होना चाहिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देशित किया है कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज मुहैया कराने की जबाबदेही कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों की है। उन्होने निर्देश दिये है कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज मुहैया कराना उक्त दोनो विभाग के अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये हैं कि अमानक खाद-बीज बेचने वालो का लायसेंस निरस्त करे साथ ही उनके विरूद्ध पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करायें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये हैं कि सिर्फ लायसेंस निरस्त कर कृषि विभाग के अधिकारी अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री न करें बल्कि अमानक खाद-बीज बेचने वाली फर्मों के विरूद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कर उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही भी सुनिश्चित करायें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कलेक्टरों को भी निर्देश दिये हैं कि वे साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अमानक खाद-बीज बेचने वालों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का स्थाई एजेण्डा रखें तथा समय-समय पर उसकी समीक्षा कर अमानक खाद-बीज बेचने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल के सभाकक्ष में रवी सीजन 2017 की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
    कृषि उत्पादन आयुक्त की बैठक में सहकारिता विभाग द्वारा कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुये बताया कि किसानों को सहभागिता से जोड़ने के लिये नवीन सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। सहकारी कृषि ऋण एवं वसूली के लिये विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ कलेक्टरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान बताया गया कि रीवा एवं शहडोल संभाग में शहडोल जिले की वसूली सबसे अच्छी है। उन्होने कहा कि गबन के प्रकरणों में एफआईआर दर्ज करते हुये सख्ती बरते ताकि शासकीय धन को वसूला जा सके।
    उद्यानिकी के संचालक ने कहा कि इस अंचल में उद्यानिकी का रकवा बढ़ाने की आवश्यकता है, इस हेतु अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि कृषि से जुड़े बेरोजगारों युवाओं को पॉली हाउस, शेडनेट हाउस, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, संरक्षित खेती योजनान्तर्गत प्लास्टि मल्चिंग कोल्ड स्टोरेज आदि स्थापित करने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने के लिये प्रेरित करने हेतु निर्देशित किया गया।
    उद्यानिकी संचालक ने कहा कि विभागीय योजनाओं के साथ-साथ हितग्राहियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से दें, ताकि वे योजना का प्रचार-प्रसार अपने स्तर पर कर सकें।
    मत्स्य विभाग की जानकारी देते हुये कहा गया है कि मछली पालन में संभाग में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, वर्ष 2006-07 में जहां 6.76 प्रतिशत उत्पादन हुआ था वह बढ़कर अब 20 प्रतिशत हो गया हैं। मत्स्य उत्पादन के जरिये भी किसानों की आय बढ़ाने के लिये उन्हे प्रेरित करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।
    पशु पालन की जानकारी देते हुये बताया गया कि शहडोल संभाग में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, इस हेतु उमरिया जिले में 3 मिल्क रूट तैयार किये जा रहे हैं जिसमें लगभग 2 हजार लीटर दूघ का संचयन होगा। इसी प्रकार शहडोल एवं अनूपपुर जिले में भी इस दिशा में विशेष प्रयास किये गये हैं, जो खेती के कार्य में सहायक सिद्ध हो रहा है। इस दौरान आचार्य विद्यासागर गौ संवर्द्धन योजना, बकरी इकाई के तहत भी हितग्राहियो को लाभान्वित करने पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दीपावली के पश्चात गोकुल महोत्सव का आयोजन कर समस्त पशुओं का टीकाकरण किया जायेगा। टीकाकरण अभियान से पशुओं में आने वाली बीमारियां कम हुई हैं और दुग्ध उत्पादन बढ़ा है।
    इस दौरान शहडोल कलेक्टर श्री नरेश पाल ने जिले में किये जा रहे नवाचारों के संबंध में जानकारी दी। बैठक में अनूपपुर, सतना, सिंगरौली, सीधी, उमरिया के कलेक्टरों ने भी जिले में किये जा रहे नवाचारों के संबंध में कृषि उत्पादन आयुक्त को अवगत कराते हुये कहा कि कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिये सहायक घटकों को भी जोड़ा जा रहा हैं ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके।
    बैठक में जैविक खेती पर आधारित सफलता की कहानियां पुस्तक का कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना द्वारा विमोचन किया गया। बैठक में कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बी.एम.शर्मा, कमिश्नर रीवा संभाग श्री एस.के.पाल, प्रमुख सचिव मत्स्य उद्योग श्री विनोद कुमार, संचालक मत्स्य उद्योग श्री ओ.पी.सक्सेना, संचालक किसान कल्याण श्री मोहनलाल, कलेक्टर शहडोल श्री नरेश पाल, कलेक्टर उमरिया श्री माल सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री अजय शर्मा, कलेक्टर सतना श्री मुकेश शुक्ला, कलेक्टर सीधी श्री दिलीप कुमार, कलेक्टर सिंगरौली श्री अनुराग चौधरी, प्रबंध संचालक एपेक्स बैंक श्री बी.के.नीखरा, प्रबंध संचालक बीज संघ भोपाल श्री आर.सी.घिया, शहडोल संभाग के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संयुक्त संचालक कृषि, उपसंचालक कृषि, उद्यानिकी विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
 
(12 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
सितम्बरअक्तूबर 2017नवम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer