समाचार
|| विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने विधायक निधि से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट जनरेटर के लिए 50 लाख रुपये की अनुशंसा || देवास जिले मे 22 अप्रैल 2021 को 2 हजार 993 लोगों को कोरोना से सुरक्षा का टीका लगाया || बैरसिया में 15 सामान्य और 4 ऑक्सीजन बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू || कोविड संक्रमण की चेन तोड़ने मंत्रीगण को दी गयी कार्यों की जिम्मेदारी || जागो ग्राहक जागो - ग्राहक स्वयं को मजबूर नहीं मजबूत समझें || रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगायें : मुख्यमंत्री श्री चौहान || सभी पोल्ट्री फॉर्म संचालकों से पोल्ट्री फार्म का पंजीयन कराने की अपील || कोविड-19 मीडिया बुलेटिन - जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से 75 नये व्यक्ति हुये स्वस्थ || तहसील जुन्नारदेव के एक ग्राम और नगर पालिका दमुआ के 2 वार्डो का निर्धारित क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया घोषित || नगर अमरवाड़ा के 2 वार्डो, तहसील अमरवाड़ा के 2 ग्रामों और विकासखंड हर्रई के 3 ग्रामों का निर्धारित क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया घोषित
अन्य ख़बरें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिला दिवस पर स्मार्ट उद्यान में महिला पत्रकारों के साथ लगाए पौधे
-
ग्वालियर | 08-मार्च-2021
      मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मीडिया संस्थानों की महिला प्रतिनिधियों, पत्रकारों और महिला जनसंपर्क अधिकारियों के साथ स्मार्ट उद्यान में चंदन, पारिजात, हरसिंगार आदि के पौधे लगाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना चौहान भी उपस्थित थीं।
आज लगाए गए पौधे
  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रुद्राक्ष का भी पौधा लगाया। रुद्राक्ष के वृक्ष हिमालय और आस-पास के प्रदेशों में पाए जाते हैं। इसके अलावा असम, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, अरुणांचल और बंगाल के जंगलों में काफी रुद्राक्ष पाए जाते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत में नीलगिरि और मैसूर में तथा कर्नाटक में भी रुद्राक्ष के वृक्ष देखे जा सकते हैं। रामेश्वरम में भी रुद्राक्ष पाया जाता है। गंगोत्री और यमुनोत्री के क्षेत्र में भी रुद्राक्ष मिलते हैं।
   मध्यप्रदेश की धरती पर भी रुद्राक्ष के पौधे की उपज अच्छी है। पारिजात या ''''''''''''''''हरसिंगार'''''''''''''''' उन प्रमुख वृक्षों में से एक है, जिसके फूल ईश्वर की आराधना में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इसे प्राजक्ता, परिजात, हरसिंगार, शेफालिका, शेफाली, शिउली भी कहा जाता है। उर्दू में इसे गुलज़ाफ़री कहा जाता है। पारिजात का वृक्ष सुन्दर होता है, जिस पर आकर्षक और सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग विविध प्रकार की औषधि में भी किया जाता है। यह संपूर्ण भारत में पैदा होता है। ऐसी मान्यता है कि पारिजात के वृक्ष के स्पर्श से व्यक्ति की थकान मिट जाती है।
चंदन के पौधे भी लगाए गए
   चंदन की लकड़ी का उपयोग मूर्तिकला, साज-सज्जा का सामान, अगरबत्ती, हवन सामग्री, और सुगंधित तेल के निर्माण में होता है। सुगंधित तेल आसवन द्वारा निकाला जाता है। प्रत्येक वर्ष लगभग  3 हजार मीट्रिक टन चंदन की लकड़ी से तेल निकाला जाता है।
 
(45 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2021मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer