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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना
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नीमच | 01-जून-2021
 
    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने राज्य, संघ राज्य क्षैत्र सरकार के भागीदारी में मौजुदा सूक्ष्म खाद्य उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी एवं कारोबार सहायता देने के लिये अखिल भारतीय आधार पर पीएम एफएमई- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन येाजना शुरू की हैं। योजना का उद्देश्य मौजुदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय तकनीकी और व्यवसायी सहायता प्रदान करना हैं तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण ईकाईयों के क्षमता निर्माण और अनुसंधान पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना हैं। योजना को वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 तक पांच वर्षो के लिए लागू किया जायेगा।
   एक जिला एक उत्पाद:- निवेश प्रबंधन, आम सेवाओं का लाभ उठाने और उत्पादों के विपणन को बढ़ाने के लिए एक जिला एक उत्पाद के दृष्टिकोण को योजना में अपनाया गया हैं। राज्यों द्वारा कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान मे रखतें हुए एक जिले के लिए एक खाद्य उत्पाद की पहचान की गई। भारत सरकार द्वारा चयनित धनिया फसल से संबंधित उत्पाद को नवीन खाद्य प्रसंस्करण स्थापित करने व पूर्व से संचालित खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों में उन्नयन के लिये भी अनुदान की पात्रता रहेगी। आत्मनिर्भर भारत योजना में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना में शामिल एक जिला एक उत्पाद के लिये चयनित फसल धनिया से धनिया पाउडर, धनिया दाल, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग आदि बनाने की प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने और पूर्व से संचालित प्रसंस्करण प्रोसेसिंग यूनिट के उन्नयन के लिये जिले के किसान, उद्यमी, स्वसहायता समूह एफ.पी.ओ. आदि ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित हैं।   
   योजना के तहत वित्तीरय सहायता:- मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां, जो अपनी इकाइयों के उन्नयन के इच्छुक हैं, वे पात्र इकाइयां परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक ऋण आधारित पूंजीगत सब्सिडी का लाभ उठा सकती हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रूपये प्रति इकाइ हैं। कृषक उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों या निजी उद्यमों को सामान्य प्रसंस्करण, सुविधा, प्रयोगशाला, गोदाम सहित बुनयादि ढ़ाचे के विकास के लिए 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट- लिंक्ड अनुदान के माध्यम से प्रदान की जाएगी। सीड कैपिटल के रूप में स्वसहायता समूह सदस्य को कार्यशील पूंजी और छोटे उपकरण खरीदने के लिए 40 हजार रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी।
   योजना के तहत जिले को प्राप्त लक्ष्य:- एक जिला एक उत्पाद हेतु जिले को वर्ष 2021-22 में 40 प्रसंस्करण ईकाईयां हेतु लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। सहायता प्राप्त करने के लिए इच्छुक मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण यूनिटें एफ.एम.ई. पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। योजना के विस्तृत दिशा निर्देश मंत्रालय की वेबसाईट mofpi.nic.in पर देखें जा सकते हैं। यह जानकारी उप संचालक उद्यानिकी नीमच श्री एन.एस.कुशवाह ने दी।
 
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