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देवास जिले में कृषि विभाग से प्रमाणि‍त उन्नत किस्म एवं उच्च गुणवत्ता का सोयाबीन बीज किसानों को दो दिन में उपलब्ध कराएं - कलेक्टर श्री शुक्‍ला
किसानों को सोयाबीन बीज उपलब्ध नही कराने पर ‘’बीज उत्‍पादक समितियों’’ पर होगी सख्‍त कार्यवाही
देवास | 11-जून-2021
      कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला की अध्यक्षता में कृषि विभाग, बीज उत्‍पादक समितियों एवं अन्य संबंधित विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में उप आयुक्‍त सहकारिता श्री महेन्‍द्र दीक्षित, उपसंचालक कृषि आरपी कनेरिया, कृषि विभाग के अधिकारियों सहित जिले की बीज सहकारी समितियों के प्रभारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्‍टर श्री शुक्‍ला ने कहा कि जिले में विगत दो वर्षो से अधिक वर्षा होने के कारण सोयाबीन की फसल पूरी तरह से खराब हुई है। इस कारण इस बार किसानों के पास सोयाबीन बीज उपलब्‍ध नहीं है। उन्‍होंने बीज सहकारी समितियों को निर्देश दिये कि कृषि विभाग से प्रमाणि‍त उन्नत किस्म एवं उच्च गुणवत्ता का सोयाबीन बीज किसानों को दो दिन में उपलब्ध कराएं, जिससे किसान खेत में समय पर सोयाबीन बीज की बोनी कर सके। किसानों को सोयाबीन बीज उपलब्ध नही कराने पर कृषि बीज उत्‍पादक समितियों पर सख्‍त कार्यवाही की जायेगी।
       बैठक में कलेक्टर श्री शुक्ला ने कहा कि जिले में सोयाबीन के अलावा मक्का, ज्वार सहित अन्य फसलों के बीज समय उपलब्ध हो, जिससे फसल की बुआई समय में हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों अभियान चलाकर बीज एवं खाद प्रदान किया जाएं। उन्हें बीज सरकारी रेट पर उपलब्ध कराया जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएं। सभी किसान से आग्रह है कि खरीफ सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में किसान पंजीकृत दुकान से ही बीज खरीदे, और सबसे महत्वपूर्ण है कि जो भी खरीदे उसका पक्का बिल ले, जिस पर बीज की किस्म, कंपनी, लॉट नम्बर, उत्पादन और अंतिम तिथि लिखी होनी चाहिए कृषक ध्यान दे, अगर कही भी कुछ शंका हो तो नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करे।
   बैठक में उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में इस बार सोयाबीन का 349000 हेक्टेयर, मक्का 42500 हेक्टेयर, अरहर 5600 हेक्टेयर व अन्य फसलों का 6750 हेक्टेयर में प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है।
      बैठक में उपसंचालक कृषि ने बताया कि विभाग द्वारा जिले के कृषकों को लगातार सलाह दी जा रही है कि सोयाबीन की बोनी का समय जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के प्रथम सप्ताह के मध्य 4-5 इंच वर्षा होने पर बुवाई करें। सोयाबीन का बीज उपचार बीज को थायरम+कार्बेन्डाजिम (2:1) के 3 ग्राम मिश्रण अथवा थारयम+ कार्बोक्सीन 2.5 ग्राम अथवा थायोमिथाक्सेम 78 डब्ल्यूजी 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। बुवाई के पूर्व बीज की अंकुरण क्षमता 70 प्रतिशत अवश्य ज्ञात करें। 100 दानें तीन जगह लेकर गीली बोरी में रखकर औसत अंकुरण क्षमता का आंकलन करें। किसान अपनी जोत के अनुसार कम से कम दो-तीन किस्मों की बुवाई करें जिले में अनुशंसित किस्में जेएस 95-60, जेएस 20-69 नवीन किस्में जे एस 20-34 जे एस 20-29 एवं आरबीएस 2001-04 हैं। अनुशंसित बीज दर 75 से 80 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से उन्नत प्रजातियों की बुवाई करें। कतार से कतार की दूरी कम से कम 14 से 18 इंच के आस पास रखें। साथ ही संभव हो तो रेजड-बेड विधि से फसल की बुवाई करें । इस विधि से फसल बुवाई करने से कम वर्षा एवं अधिक वर्षा दोनों स्थिति में फसल को नुकसान नहीं होता है। जिले के कृषको को अंर्तवर्ती फसले जैसे सोयाबीन+अरहर (4:2), सोयाबीन+मक्का (4:2) अपनाए।
देवास जिले में 11 पंजीयन केन्द्रों पर 15 जून ग्रीष्मकालीन मूंग का होगा उपार्जन
   कृषि विभाग के प्रमुख सचिव श्री अजीत केसरी एवं अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने वीसी के माध्‍यम से उपार्जन के संबंध में तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव श्री अजीत केसरी ने जिलो से फर्टिलाइजर और डीएपी की मांग के संबंध में जानकारी मांगी। प्रदेश में 15 जून से उपार्जन का कार्य शुरू किया जायेगा। कलेक्‍टर श्री शुक्‍ला ने वीसी में प्रमुख सचिव श्री अजीत केसरी को चर्चा के दौरान बताया कि देवास जिले में खाद की आपूर्ति हरदा जिले से होती है। देवास जिले के कन्‍नौद और खातेगांव हरदा जिले के नजदीक है होने से वहा तो खाद की आपूर्ति हो जाती है, मगर देवास मुख्‍यालय की दूरी हरदा से लगभग 175 किलो मीटर होने देवास मुख्‍यालय के आसपास के क्षेत्रों में खाद की आपूर्ति नहीं होने से कठिनाई होती है। जिस पर प्रमुख सचिव कृषि श्री अजीत केसरी ने कहा कि विचार कर निर्णय लिया जायेगा।
   देवास जिले में मूंग फसल उपार्जन कार्य 15 जून 2021 से प्रारंभ होगा। जिले के किसान भाई पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज, बैंक पासबुक की छायाप्रति, ऋण पुस्तिका, आधारकार्ड, समग्र आईडी एवं मोबाइल नम्बर जिस पर ओटीपी प्राप्त होगा साथ लाकर पंजीयन करवा सकते हैं।
(7 days ago)
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