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’’गरीब एवं कमजोर वर्गो को निःशुल्क विधिक सहायता और सलाह प्रदान करने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिबद्व है’’ - प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
ऑनलाईन विधिक साक्षरता शिविर का आयेाजन
दतिया | 26-जुलाई-2021
   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा के निर्देशानुसार एवं अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मुकेश रावत के मार्गदर्शन में आज 26 जुलाई 2021 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया द्वारा ऑनलाईन निःशुल्क विधिक सहायता विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयेाजन किया गया।
  विधिक साक्षरता शिविर में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दतिया श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि सभी नागरिकों के लिये उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकरणों की स्थापना की गई है।  सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गो को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिये की गई थी।
  • मुफ्त कानूनी सहायता पाने के पात्र व्यक्ति
  • महिला और बच्चे
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य
  • औद्योगिक श्रमिक
  • बडी आपदाओं जैसे हिंसा, बाढ, सूखे, भूंकप तथा औद्यौगिक आपदाओं के षिकार लोग
  • विकलांग व्यक्ति
  • हिरासत में रखे गये लोग
  • ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 200000/- से कम हो
  • बेरोजगार या अवैध मानव व्यापार के शिकार
   महिलाओं को उनके परिवार से होने वाली हिंसा से बचाने के लिये घरेलू हिंसा अधिनियम बनाया गया है। घर के बाहर के अन्य व्यक्तियों से सुरक्षा के लिये भारतीय दण्ड संहिता में घूर कर देखना, पीछा करना, बिना अनुमति के फोटो लेना, अष्लील मैसेज भेजना, गलत नियत से हाथ पकड़ना, बलात्कार, दहेज मांगना, एकांतता भंग करना आदि अपराध घोषित किये गये है। बच्चों के विरूद्ध घटित होने वाली गंभीर घटनाओं को रोकने के लिये लैंगिक शोषण से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 बनाया गया है तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध गंभीर अपराधों में न्यायालयों में सुनवाई बंद कमरे में महिला न्यायाधीश द्वारा की जाती है, इस कारण महिलाओं को कानून में सुरक्षा के लिये कठोर कानून बनाये गये है, किंतु अधिकारों का उपयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिये। कानून का दुरूपयोग नहीं करना चाहिये, क्योंकि न्यायालय में सच साक्ष्य से सामने आ ही जाता है।
   ऑनलाईन आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश दतिया श्री मुकेश रावत द्वारा भी उपस्थित पैरालीगल वालेंटियर्स को उनका उद्धेश्य व भूमिका के सम्बन्ध में जानकारी पर प्रकाश डाला।
    विधिक साक्षरता शिविर का संचालन एवं आभार प्रदर्शन जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अंकिता शांडिल्य द्वारा किया गया। साक्षरता शिविर में जिला दतिया, सेवढा एवं भाण्डेर के पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।   
 
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