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विश्व स्तनपान सप्ताह
जागरूकता अभियान जारी
सीहोर | 04-अगस्त-2021
   विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जिले में मैदानी स्तरीय कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को स्तनपान से होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी प्रदान की जा रही है। सप्ताह के दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता हेतु परामर्श सत्रों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उन्हें एवं उनके शिशुओं को मां के दूध से होने वाले फायदे के संबंध में जानकारी दी जा रही है। साथ ही ऐसी महिलाएं जिनके 2 साल से छोटे बच्चे हैं, उन्हें स्तनपान करवाने की सही तकनीकों के बारे में बतलाया जा रहा है। स्तनपान के पश्चात बच्चे को कंधे पर लेकर डकार दिलवाना, बच्चे के भोजन एवं मल मूत्र विसर्जन की निगरानी, वज़न मूल्यांकन के संबंध में विस्तार से परामर्श प्रदान किया जा रहा है।
   स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया कि मां का दूध अमृत के समान है। यह नवजात शिशु को दिया जाने वाला पहले टीके के रूप में माना जा सकता है। जो उसे रोगों से लड़ने और जीवन भर उसके उत्तम स्वास्थ्य तथा सही शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक होता है।  शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी स्तनपान की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 6 माह से कम उम्र के बच्चों को सिर्फ और सिर्फ मां का दूध एवं 6 माह से अधिक उम्र के बच्चों को आवश्यकता के अनुसार स्तनपान एवं पोषण आहार प्रदान कर मृत्यु दर को 22% तक कम किया जा सकता है।
   शिशु जन्म के पहले घंटे के भीतर ही बच्चे को स्तनपान करवाना बेहद आवश्यक है। इससे बच्चे को कोलेस्ट्रम प्राप्त होता है जो कि बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। इसी प्रकार बच्चे को 6 माह की उम्र तक केवल और केवल स्तनपान ही करवाया जाना चाहिए।  बच्चे के खाने एवं पानी संबंधी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति केवल मां के दूध से ही हो जाती है। इसके साथ ही घुट्टी, शहद या अन्य कोई भी चीज बच्चे को ना दी जावे। 6 माह के पूरे होने पर बच्चे को ऊपरी आहार की शुरुआत कर 2 साल की उम्र तक स्तनपान जारी रखा जा सकता है।  
   किसी भी प्रकार का ऊपरी दूध मां के दूध की जगह नहीं ले सकता। विशेषकर बीमार कम कम वजन या समय से पहला पहले पैदा हुए कमजोर नवजात के लिए डब्बा बंद दूध हानिकारक हो सकता है। माता के स्तनपान कराने में असमर्थ होने पर स्थान से निकाला हुआ दूध या अन्य स्वास्थ्य माता का दान किया हुआ दूध शिशु को पिलाया जा सकता है। स्तनपान कमजोर बच्चों को बीमारियों से बचाता है और उन्हें जल्दी स्वस्थ होने में मदद करता है।
 
(45 days ago)
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