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(शिक्षक दिवस पर विशेष) बच्चों के पास नहीं थे मोबाइल, स्वयंसेवकों की ली मदद, फिर कराई पढ़ाई (कहानी सच्ची है)
शासकीय स्कूल खरखरी नं. 1 में पदस्थ शिक्षक मनीष सोनी ने निभाया शिक्षक का दायित्व
कटनी | 04-सितम्बर-2021
    कोरोना संक्रमण का समय था। स्कूल बंद थे लेकिन शैक्षणिक गतिविधियां जारी थीं। मोहल्ला क्लासों के माध्यम से प्रदेश सरकार बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य कर रही थी। ऐसे में शिक्षकों के लिए भी बच्चों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाना एक चुनौती की तरह था। कटनी विकासखंड के खरखरी नं. 1 शासकीय स्कूल में पदस्थ प्रभारी मनीष सोनी ने बेहतर कार्य करते हुए अपने शिक्षक के पद के दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। श्री सोनी ने कोरोना के पहले चरण में ऑनलाइन माध्यम से जहां पालकों से बैठकें लगातार जारी रखी थीं तो हमारा घर-हमारा विद्यालय अभियान में बच्चों को मोहल्ला क्लासों के जरिए शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया। खरखरी गांव में कई बच्चे ऐसे थे, जिनके घरों में मोबाइल नहीं थे। ऐसे में उन्होंने गांव के युवाओं की मदद ली। युवा गांव के छह स्थानों पर लगने वाली मोहल्ला क्लासों में जाते थे और शिक्षक स्वयं सेवकों के मोबाइल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाते थे।
    इतना ही नहीं व्हाटसएप पर टेस्ट के दौरान भी जब ऐसी ही स्थिति बनी तो मनीष अपने स्कूल के शिक्षकों के साथ खुद गांव मंे घूमते थे और एक स्थान पर तीन चार बच्चों को एकत्र कर उनका अपने मोबाइलों पर टेस्ट पूरा कराते थे। उनको पूरे अभियान में किए गए नवाचार से अच्छी सफलता मिली और 95 प्रतिशत बच्चों को उन्होंने शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया।
    बच्चों के पास पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं रहती थी, जिसके चलते शिक्षकों केे आपसी सहयोग से उन्होंने पाठ्य सामग्री की फोटोकापी कराईं और उनका वितरण किया तो बच्चों को नोटबुक आदि भी उपलब्ध कराई। शिक्षक मनीष सोनी के बहेतर कार्य को देखते हुए उन्हें राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है।
 
(44 days ago)
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