समाचार
|| दीपावली के पूर्व 2.51 लाख आवासहीन परिवारों को मिलेगी अपने आवास की सौगात || किसान संतुलित उर्वरक का उपयोग करें || शुद्धिकरण पखवाड़ा संबंधी बैठक 16 अक्टूबर को || भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ रावण दहन || पुलिस लाईन में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया शस्त्र पूजन || अतिथि व्याख्याताओं के चयन हेतु 18 तक आवेदन आमंत्रित || कलेक्टर-एसपी ने देर रात शहर का भ्रमण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा || बरम खेड़ी के मूक बधिर छात्रावास का संचालन सोसायटी स्वयं के खर्च पर करने की इजाजत || शिविर में लैंगिक समानता,कन्या भ्रूण हत्या के बारे में लोगो को दी गई जानकारी || बाढ़ आपदा प्रबंधन के कार्य में कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी से किया गया भार मुक्त
अन्य ख़बरें
मेरे घर पधारो इको फ्रेंडली गजानन... (स्पेशल स्टोरी)
पापा..नहीं लाना पीओपी के गणेशा, मिट्टी प्रतिमा से मनाएंगे उत्सव इको फ्रेंडली गणपति घरों में तैयार कर बच्चे दे रहे पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कटनी | 07-सितम्बर-2021
    शहर की पुरानी बस्ती की रहवासी अपूर्वा ताम्रकार इन दिनों घर में मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बने गनेशा की प्रतिमा को सजाने में जुटी हैं। पिछले दो साल से वे अपने हाथों से अपने इको फ्रेंडली गनेशा को तैयार करती हैं और घर में उनकी ही स्थापना कर उत्सव मनाया जाता है। एक अपूर्वा ही नहीं बल्कि शहर में ऐसे बहुत से बच्चे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण को समझकर पीओपी से बनी प्रतिमाओं को उत्सव के लिए अपने घरों में लाने अपने माता-पिता को मना कर चुके हैं।
   चतुर्थी से लेकर अनंत चतुदर्शी तक चलने वाले पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह होता है। इस बार 10 सितंबर से लेकर 9 सितंबर तक गणेशोत्सव पर्व मनाया जाना है। उत्सव की इस परंपरा में अब पर्यावरण का संरक्षण भी जुड़ गया है। पीओपी से तैयार प्रतिमाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए शहर में भी इको फ्रेंडली प्रतिमाओं को स्थापित करने वालों की संख्या बढ़ी है। बाजार में भी गणेशजी की सुंदर-सुंदर प्रतिमाओं की दुकानें भी सज चुकी हैं, बावजूद इसके पर्यावरण और जल संरक्षण को देखते हुए इको फ्रेंडली गणेश का चलन भी दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। खास तौर पर युवा और बच्चे इको फ्रेंडली मूर्ति के प्रति जागरूक दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए बच्चे अपनी कला एवं मेहनत से अपने घरों में ही विशुद्ध मिट्टी की गणेश प्रतिमा को रूप दे रहे हैं।
अपने गणेशा को सजाने संवारने में जुटी अपूर्वा
   शेर चौक पुरानी बस्ती निवासी अपूर्वा ताम्रकार पर्यावरण व जल संरक्षण को लेकर जागरूक हैं। वे पिछले दो वर्ष से घर में ही मिट्टी से अपने हाथों से गणेश प्रतिमा का निर्माण करती हैं। इस वर्ष भी प्रतिमा स्थापना को लेकर उन्होंने मिट्टी के आकर्षक गणपति तैयार किए हैं और उनको सजाने संवारने के साथ अंतिम रूप देने में जुटी हैं। अपूर्वा का कहना है कि जिस तरह से जल व पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, उसको देखते हुए मेरे घर अब तो हर साल इको फ्रेंडली गणेशा ही आएंगे।
अयूर व अर्निका भी दे रहे संरक्षण का संदेश
   अपूर्वा के चचेरे भाई बहन अयूर व अर्निका ताम्रकार भी पर्यावरण व जल संरक्षण को लेकर जागरूक हैं। दोनों भाई बहन भी अपने घर में मिट्टी की गणेश प्रतिमा की ही स्थापना कर उत्सव मनाएंगे। दोनों गणेशोत्सव में अपने घर इको फ्रेंडली गणेशा की स्थापना करने प्रतिमा निर्माण करने में जुटे हैं। अयूर व अर्निका का कहना है कि जहां प्लास्टर आफ पेरिस और रासायनिक रंगों से निर्मित मूर्तियों से पर्यावरण को नुकसान एवं पानी दूषित हो रहा है तो वही विशुद्ध मिट्टी व वाटर कलर की ईको फ्रेंडली मूर्तियों के चलन से पर्यावरण भी सुरक्षित रह सकेगा।
पानी में घुले रासायनिक रंगों से बीमारियों का खतरा
   क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर लोगों को जागरूक करने में जुटा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एसपी झा का कहना है कि पीओपी से निर्मित प्रतिमाओं में रासायनिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। नदी, तालाबों में विर्सजन के बाद वे रासायनिक रंग पानी में घुलते हैं। जिससे जलीय जीवों, जल को नुकसान होता ही है, उसका उपयोग करने से आमजन का भी लीवर, किडनी के रोगों से ग्रसित होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर एनजीटी के नियमों व केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों को लेकर मूर्तिकारों को भी जागरूक किया गया है।
इसका  रखें ध्यान तो नहीं होगा नुकसान-
  • - मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करें, जिनकी सजावट प्राकृतिक रंगों से की गई हो।
  • - मिट्टी के अलावा घरों में मौजूद अन्य सामग्री से भी गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर पर्यावरण की सुरक्षा करें।
  • - नदी, तालाबों में प्रतिमाओं का विर्सजन न करें, बनाए गए कुंडों में ही करें विर्सजन।
  • - छोटी प्रतिमाएं स्थापित करें ताकि विसर्जन के बाद जल स़्त्रोत दूषित न हों।

 
(38 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
सितम्बरअक्तूबर 2021नवम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
27282930123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer