समाचार
|| देवास जिले के किसान भाई समर्थन मूल्य पर फसल के पंजीयन एवं विक्रय के लिए अपना बैंक खाता एवं मोबाईल नम्बर आधार से लिंक कराये || जिले मे यूरिया की वैकल्पिक व्यवस्था इफको नैनो यूरिया || नेहरू युवा केंद्र देवास द्वारा "स्वच्छ गांव-हरित गांव" पर कार्यशाला आयोजित || 07 दिसंबर को सशस्त्र सेना झण्डा दिवस || स्पोर्ट्स शूज एवं स्कूल बैग के लिए 10 दिसंबर 2021 तक कोटेशन आमंत्रित || 04 से 08 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान || शराब का अवैध परिवहन करते हुए पाये जाने पर दो आरोपियों को भेज गया जेल || बलगांव में ग्रामीणों को लगाया गया कोविड वैक्सीन का टीका || जिले में कोरोना पाजेटिव की संख्या शून्य पर स्थिर || कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना को देखते हुये कलेक्टर ने नागरिकों से की सभी जरूरी सावधानियॉं बरतने की अपील
अन्य ख़बरें
गांधी नाम हो सार्थक, स्थापित किया गांधी चिंतन केंद्र (गांधी जयंती पर विशेष)
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों, सिद्धांतों से परिचित कराने 5 साल पहले शुरू हुई पहल
कटनी | 01-अक्तूबर-2021
     राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आजादी के आंदोलन के दौरान कटनी आगमन पर उनके सम्मान में एक स्कूल का नाम गांधीजी के नाम पर रखा गया। छात्रों की संख्या कम होने पर स्कूल का संचालन बन्द हुआ तो वहां पर बीआरसी कार्यालय शुरु कर दिया गया। गांधी जी नाम की सार्थकता के लिए कार्यालय परिसर में राष्ट्रपिता के सिद्धांतों, मूल्यों पर आधारित गांधी चिंतन केंद्र की स्थापना की गई। जहां पर गांधीवादी सिद्धांतों को मानने वाले एकत्र होते हैं और चिंतन व चर्चा करते हैं। इतना ही नही छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को साहित्य यहां उपलब्ध कराया गया है।
   शहर के कटनी नदी से लगे क्षेत्र में वर्ष 1913 में होर्डिंग स्कूल की स्थापना की गई थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी के आंदोलन के दौरान कटनी आए थे और उसी की याद में होर्डिंग स्कूल का नाम बदलकर गांधी प्राथमिक शाला कर दिया गया। वर्ष 2013 में छात्रों की संख्या कम होने पर स्कूल बंद कर दिया गया और उसके स्थान पर बीआरसी कार्यालय की स्थापना कर दी गई। बीआरसी के रूप में जब विवेक दुबे की पदस्थापना हुई तो उन्होंने शहर के गांधीवादी विचारधारा के नागरिकों के साथ चर्चा की और गांधी स्कूल का नाम सार्थक रखने के लिए वर्ष 2016 में स्कूल परिसर के एक कक्ष में गांधी चिंतन केन्द्र की स्थापना की गई।

गांधीजी के साहित्य, सिद्धांतों को संजोया
   गांधी चिंतन केन्द्र में बापू के साहित्य, सिद्धांतों को प्रदर्शित करते चित्रों के साथ ही उनके बुनियादी शिक्षा के सिद्धांतों को संजोया गया है ताकि आने वाले लोग उनके जीवन से परिचित हो सकें। स्थापित केन्द्र में समय -समय पर बुजुर्गो, युवाओं द्वारा गांधीवाद को लेकर संगोष्ठी, परिचर्चा का आयोजन किया जाता है। केन्द्र में बच्चों के अध्ययन के लिए गांधी साहित्य के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी स्थान बनाया गया है ताकि वे शांत वातावरण में अध्ययन कर सकें। वरिष्ठ गांधीवादी डॉ. एसएन सुब्बाराव, राजगोपाल पीवी, गांधी भवन भोपाल की टीम सहित अन्य हस्तियां भी केन्द्र में आकर चिंतन कार्यक्रम में शामिल हो चुकी हैं।
(64 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2021जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer