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साहित्यकार, मानवमूल्यों और सदविचारो को जन-जन तक पहुंचाए- कमिश्नर
फणिश्वरनाथ रेणु जन्म शताब्दी साहित्य समारोह का हुआ आयोजन
शहडोल | 03-अक्तूबर-2021
    कमिश्नर शहडोल संभाग श्री राजीव शर्मा  के मुख्य अतिथ्यि में आज मानस भवन शहडोल में  सुप्रसिद्व लेखक फणिश्वरनाथ रेणु जन्म शताब्दी साहित्य समारोह  का आयेाजन किया गया।  साहित्य समारोह में  कमिश्नर द्वारा शहडोल संभाग के  वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया गया वहीं  शहडोल संभाग  के साहित्यकारों एवं लेखकों द्वारा रचित किताबों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर समारोह  को सम्बांेधित करते हुए कमिश्नर शहडोल संभाग श्री राजीव शर्मा ने कहा कि, साहित्यकारो का यह दायित्व है कि, साहित्यकार  अपनी लेखनी से सदविचारों और मानवमूल्यों को  जन-जन तक पहुंचाए।  उन्होंने कहा कि,आज की पीढ़ी सुविधाभोगी पीढ़ी है, आज की पीढ़ी के पास वह सभी सुविधाएं मौजूद है जो कभी राजा महाराजों के पास होती थी, इतनी सुविधाओं के बावजूद हमारी पीढ़ी के लोग जीवनमूल्यो, संवेदनाओं, सदविचारों से नगण्य है आज की पीढ़ी श्रम से बचती है हमारा आज का जीवन सुविधापूर्ण है, सुविधापूर्ण जीवन ने हमारी पीढ़ी की संघर्ष क्षमता को नष्ट कर दिया है। कमिश्नर ने कहा कि, जिसके जीवन में संघर्ष नही होता, जिसने कभी धूप नही झेली उसे तृप्ति का आनंद कभी नही मिल सकता है। कमिश्नर ने कहा कि, हमारी डिजाइनर पीढ़ी को संघर्ष करने का पाठ सिखाएं और यह कार्य साहित्यकार ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि, साहित्यकारों पर एक बडी चुनौती संस्कृति, भजन, भोजन और परंपराओं को बचाएं रखने की है युवा पीढ़ी के समक्ष प्रेरणादायी और अच्छा साहित्य प्रस्तुत करने की भी है इस दिशा में भी साहित्यकार लेखन के माध्यम से सकारात्मक कार्य करें।
  समारोह को सम्बोंधित करते हुए प्रोफेसर आरती झा ने कहा कि फणिश्वरनाथ रेणु  एक समाजवादी और सच्चे लेखक थे उस समय समाज में उन्हें अच्छा स्थान नही मिला। उन्होंने कहा कि रेणु की रचनाओं में गांवों के जीवन के साथ प्रकृति का भी चित्रण है, उनके पास अनेक सामाजिक विकृतियों तथा त्रसत स्थितियों से जूझते हुए अपनी मानवीय गरिमा को बचाए रखे हुए रखे है वे असहाय, अनपढ़, गरीब, पीड़ित और अधंविश्वासी हो सकते है किन्तु संवेदनशीलता के स्तर पर नगरों, महानगरों तथा कथित सभ्य कहे जाने वाले महापुरूषों से निश्चय ही श्रेष्ठ है।
  इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामविहोर तिवारी, संतोष द्विवेदी, श्री नालीनी तिवारी, श्री दुर्गाप्रसाद श्रीवास्तव, श्रीमती शालिनी सरावगी एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहें। इस अवसर पर कमिश्नर द्वारा साहित्यकार, किरण शिल्पी, श्रीमती शालिनी सरावगी, उमाकांत निगम एवं छाया गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया। कमिश्नर ने शहडोल संभाग के लेखको द्वारा रचित कवितापोस्टर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। समारोह का संचालन साहित्यकार श्री अनिल विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

 
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