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लेदर की विश्वसनियता का संगम हस्तशिल्प मेले में
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मन्दसौर | 18-नवम्बर-2021
   मेला प्रभारी श्री दिलीप सोनी ने बताया कि  लेदर या चमडे की सामग्री का नाम सुनते ही क्रेता के मन में नकली असली का ख्याल आता है। बस इसी ख्याल को विश्वास में बदलने का नाम है टाटा लेदर। विदेशों में निर्यात किए जाने वाले लेदर की सामग्री टाउन हाल में खरीददार के सामर्थ्य अनुसार विक्रय के लिए उपलब्ध है।  संत रविदास मप्र हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम म.प्र. शासन के 13 दिवसीय हस्तशिल्प मेले में प्रदेश के लगभग 50 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में लेदर की उच्च गुणवत्ता से बने बेग, पर्स, बेल्ट की भी श्रृंखला मौजूद है।
    श्री सोनी ने बताया कि मेले में देवास से आए शिल्पी श्री ओमप्रकाश गुजराती अपने लेदर के विभिन्न उत्पादों का जलवा बिखर रहे हैं। टाटा एक्सपोर्ट अपने उत्पाद बनाने के बाद वेस्ट मटेरियल को शिल्पकारों को दे देता है। शिल्पकार उस मटेरियल का जिस कलात्मक ढंग से उपयोग करते हैं इसका प्रमाण कंबल केंद्र में मिल रही सामग्री है जो अदभुत है। छोटे से कॉइन बेग से लेकर एयर बेग को जोड़कर तैयार करने वाले श्री गुजराती ने बताया कि इस प्रकार बनने वाली लेदर सामग्री किसी भी प्रकार से टाटा की गुणवत्ता से कम नहीं होती है बल्की टाटा के आयटम की तुलना में कीमत बहुत ही कम होती है। उन्होंने कई महिलाओं को लेदर शिल्प सिखाया है और उन्हें रोजगार मुहैया कराया है। श्री गुजराती ने बताया कि लेदर सामग्री बनाने में उन्हें महारथ हासिल है जिससे उन्हें कई सरकारी संस्थानों ने मास्टर ट्रेनर बनाया है। उनके कार्य तथा उनकी सामग्री के विक्रय के चलते उन्हें विज्ञान भवन भोपाल में प्रशासन ने सम्मानित भी किया है। मंदसौर में कला प्रेमी लोगो का रूझान कला के प्रति अच्छा है। श्री गुजरती के पास एक ही थान के बेग भी हैं। अर्थात उनके बेग में कोई जोड नहीं मिलता है। उसका लेदर भी अव्वल दर्जे का है और उसकी सप्लाई विदेशो में होती है। श्री सोनी ने बताया कि मेला प्रतिदिन कम्बल केंद्र में दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक मेला आम जनता के लिए निःशुल्क खुला है।
(66 days ago)
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